प्रगतिशील किसानों के सहयोग से अब तक 486 किसान उत्पादक समूह बनाए जा चुके हैं: जेपी दलाल

71
SHARE

चण्डीगढ़, 29 जून – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने आज दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर व केंद्रीय पशुपालन व डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह से भेंट कर कृषि व किसान और झिंगा मछली पालन को लेकर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री से किसान उत्पादक समूह (पी.एफ.ओ), फसल बीमा योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा पी.एफ.ओ बनाए जाए। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिये तो किसान उत्पादन संगठन खुशहाली और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये कारगर साबित होगे, इससे किसानों की बिचैलियों पर निर्भरता कम होगी और वे अपने उत्पादों की स्वयं बिक्री कर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री को पी.एफ.ओ पर जानकारी देते हुए श्री दलाल ने बताया कि प्रदेश में प्रगतिशील किसानों के सहयोग से अब तक 486 किसान उत्पादक समूह (पी.एफ.ओ) बनाए जा चुके हैं और 76,855 किसानों को इन समूहों से जोड़ा गया है। उन्होंने बातया कि हमारा लक्ष्य 1000 किसान उत्पादक समूह बनाने का है। किसान उत्पादक समूह फसलों की मार्केटिंग, ग्रेडिंग, पैकिंग व स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे, जिससे किसान सीधा कृषि बाजार व उपभोक्ताओं से जुड़ने में सक्षम होंगे व इससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने श्री दलाल को कहा कि पानी की बचत के लिए ड्रिप सिंचाई को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कृषि और किसान दोनों को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे किसान ड्रिप सिंचाई की नई तकनीक का उपयोग कर कम से कम पानी में अधिकतम पैदावार कर सकते है। ताकि किसानों को अधिक लाभ हो।

श्री दलाल ने बताया कि प्रदेश में नहरी पानी की बहुत बडी समस्या है जिसके कारण प्रदेश खासकर दक्षिण हरियाणा में पानी की कमी है। उन्होंने इसके लिए एस.वाई.एल के पानी को लेकर बात की और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करवाने की मांग की। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही इस समस्या को सुलझाया जाएगा।

श्री दलाल ने इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन व डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह से झिंगा मछली पालन को लेकर भी चर्चा की। उन्होनें बताया कि यह बहुत ही लाभदायक प्रोजेक्ट है जिससे किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा हो रहा है। खारे पानी वाले स्थान पर इसका ज्यादा लाभ मिलेगा। इसके लिए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे है।