India Wins Kabaddi Gold Medal: एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने रचा इतिहास, फाइनल में ईरान को दी करारी मात

एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने जीते गोल्ड मेडल। फाइनल में ईरान को हराया।
 
India gold medal Asian Games

भारत ने एशियन गेम्स कबड्डी में एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम कर ली है. आइची-नागोया गेम्स 2026 में शनिवार 26 सितंबर को भारत ने कबड्डी में डबल गोल्ड मेडल जीतकर भारत की स्थिति में सुधार किया. महिला कबड्डी के फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद पुरुष टीम ने भी इस सफलता को दोहरा दिया. भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को हराते हुए फिर से गोल्ड मेडल जीत लिया. इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी करते हुए ईरान को 40-34 से हराया.

एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को ये दोहरी सफलता मिली. महिला टीम ने सुबह देश के लिए गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने भी एक कड़े मुकाबले में ईरान को हराया था. वहीं शाम के वक्त पुरुष टीम ने भी ईरान को हार का स्वाद चखाया और कबड्डी में अपना दबदबा बरकरार रखा. 2018 के एशियन गेम्स में ईरान के हाथों सेमीफाइनल में हारने के बाद भारतीय टीम ने अगले दोनों गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है और दोनों बार ईरान को ही हराकर ये सफलता अपने नाम की है.

दूसरे हाफ में वापसी के दम पर जीत

ये फाइनल बहुत ही कड़े और करीबी मुकाबले के साथ शुरू हुआ, जहां एक-एक पॉइंट के साथ स्थिति बदल रही थी. शुरुआत में भारतीय टीम आगे थी लेकिन ईरान ने पहला हाफ खत्म होते-होते अपने कुछ दमदार टैकल्स के जरिए भारत पर 18-17 की बढ़त हासिल कर ली. दूसरे हाफ की शुरुआत में ईरान की बढ़त 3 पॉइंट्स की हो गई थी. मगर यहां से भारत की वापसी का सिलसिला शुरू हुआ. जयदीप और सुमित के जबरदस्त टैकल के साथ अर्जुन की कमाल की रेड के दम पर भारतीय टीम ने खूब पॉइंट्स बटोरे और साथ ही ईरान को भी गलती के लिए मजबूर किया. आखिरकार दूसरे हाफ में ईरान सिर्फ 16 पॉइंट बटोर सका, जबकि भारत ने 23 पॉइंट हासिल करते मैच अपने नाम कर लिया.

9वीं बार गोल्ड मेडल

एशियन गेम्स कबड्डी में भारत का ये कुल 9वां गोल्ड मेडल है. इन गेम्स में अभी तक कुल 10 बार मेंस कबड्डी के इवेंट हुए हैं, जिसमें से 9 बार भारत ने फाइनल में जगह बनाई और सभी 9 बार चैंपियन बनकर लौटी. सिर्फ 2018 में भारत को निराशा हाथ लगी थी, जब ईरान ने उसे सेमीफाइनल में ही हरा दिया था. ईरान ने ही उस साल गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया था.