Bhiwani Boxers Asiad 2026: राष्ट्रमंडल की सफलता के बाद एशियाड की तैयारी में जुटे भिवानी के मुक्केबाज, 10 अगस्त से पटियाला में कैंप

राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भिवानी के मुक्केबाज अब जापान में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारियों में जुट गए हैं। 10 अगस्त से पटियाला में विशेष कैंप शुरू होगा।

 
साई भिवानी मुक्केबाजी

भिवानी। राष्ट्रमंडल खेलों में देश का तिरंगा ऊंचा करने वाले भिवानी के मुक्केबाजी चैंपियन अब एशियाड में स्वर्णिम सफलता के लिए रिंग में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न अभी पूरा भी नहीं हुआ है कि खिलाड़ियों ने अगली बड़ी चुनौती के लिए पसीना बहाना शुरू कर दिया है।

जापान में 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भिवानी की साक्षी ढांडा, प्रिया घणघस, सचिन सिवाच और प्रीति पंवार भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती देंगी। राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुक्केबाजों के लिए 10 अगस्त से पटियाला में विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। इसके बाद एक सितंबर से जापान में ट्रेनी कैंप आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में खिलाड़ी अपनी तकनीक, फिटनेस और रणनीति को और मजबूत करेंगे।

साई भिवानी के मुक्केबाजी प्रशिक्षक नवीन शर्मा ने बताया कि पटियाला कैंप में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ देश के शीर्ष मुक्केबाज भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि एशियाड जैसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों को पूरी क्षमता के साथ तैयारी करनी होगी।

द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच महावीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रमंडल और एशियाड के स्तर में काफी अंतर होता है। एशियाड में कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को बिना समय गंवाए अपनी तकनीक, स्टेमिना और रणनीति पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल की सफलता खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती है लेकिन एशियाड के लिए नए सिरे से मेहनत और तैयारी की जरूरत होती है। एशियाड के लिए चयनित जैस्मिन लंबोरिया ने बताया कि उनका इस स्पर्धा के लिए वेट नहीं होने के कारण वह भाग नहीं ले रही हैं। अब वह ओलंपिक की तैयारियों में जुटेंगी।

स्वर्ण जीत घर लौटी प्रिया, पहले दिन ही अभ्यास के लिए पहुंचीं साई केंद्र
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर बुधवार को घर पहुंचीं मुक्केबाज प्रिया घणघस ने आराम करने के बजाय उसी दिन शाम को साई केंद्र भिवानी पहुंचकर अभ्यास शुरू कर दिया। कोच नवीन शर्मा के साथ उन्होंने प्रशिक्षण लिया। केंद्र के खिलाड़ियों ने प्रिया का स्वागत किया और जूनियर खिलाड़ियों ने उनके साथ सेल्फी लेकर खुशी जाहिर की। प्रिया ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने का अनुभव शानदार रहा। अब पूरा ध्यान एशियाड की तैयारी पर है। समय कम है इसलिए 10 अगस्त से पटियाला कैंप और उसके बाद जापान में होने वाले प्रशिक्षण शिविर में पूरी मेहनत के साथ तैयारी करूंगी।


उन्होंने कहा कि एशियाड में कजाकिस्तान जैसे देशों के मजबूत मुक्केबाजों से मुकाबला होगा लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वह पहले भी एशियाड में पदक जीत चुकी हैं और इस बार भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य है। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद अब एशियाड की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है। मुकाबलों के दौरान जिन कमियों का अहसास हुआ उन्हें दूर करते हुए प्रशिक्षण शुरू करूंगा। एशियाड में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य रहेगा। 

राष्ट्रमंडल के बाद अब एशियाड में पदक जीतना लक्ष्य है। कोच के मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। पटियाला प्रशिक्षण शिविर के लिए तैयारी कर रही हूं और एशियाड में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का पूरा प्रयास रहेगा।

राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में एशियाड का स्तर काफी ऊंचा होता है। इसमें कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान जैसे देशों के मुक्केबाज हिस्सा लेते हैं। भारतीय खिलाड़ियों को नई रणनीति और पूरी मेहनत के साथ मैदान में उतरना होगा। समय कम है, इसलिए तुरंत अभ्यास शुरू करना जरूरी है। मेहनत और आत्मविश्वास से खिलाड़ी किसी भी चुनौती को पार कर सकता है।

प्रिया पहले भी एशियाड में पदक जीत चुकी है। भारतीय मुक्केबाजी का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। मुझे विश्वास है कि वह मजबूत तैयारी के साथ एशियाड में स्वर्ण पदक जीतेगी। घर पहुंचने के बाद पहले ही दिन अभ्यास के लिए केंद्र पहुंचना उसके समर्पण को दिखाता है। 

सितंबर में जापान में होंगे एशियाई खेल
एशियाड खेल 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक जापान में आयोजित होंगे। मुक्केबाजी में एशियाई देशों के खिलाड़ियों का स्तर दुनिया में मजबूत माना जाता है। भारतीय मुक्केबाजों के सामने चुनौती बड़ी है लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता से उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। खिलाड़ियों का लक्ष्य एशियाड में देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना है।

सम्मान समारोहों के बीच तैयारी पर नजर
राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाले मुक्केबाजों को जीत के बाद सम्मान समारोहों में व्यस्त रहना पड़ रहा है। छह अगस्त को भिवानी में स्वागत समारोह आयोजित होगा जबकि सात अगस्त को पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ कार्यक्रम होगा। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी खिलाड़ियों का सम्मान किया जा रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों को परिवार के साथ समय बिताने और आराम करने का अवसर कम मिल पाया है। अब उनका पूरा ध्यान एशियाड की तैयारी पर केंद्रित है।