Commonwealth Games Hub Bhiwani: जिस जिले ने दिए सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक, वहीं के खिलाड़ी खेल सुविधाओं के लिए तरसे

भिवानी में जैम पोर्टल की तकनीकी खराबी के कारण 1500 जूनियर खिलाड़ियों को नहीं मिल पाई खेल किट। राज्य स्तरीय खेलों में बिना सामान उतरने को मजबूर।
 
GeM portal procurement issue

भिवानी। राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए सबसे अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाले भिवानी जिले के करीब 1500 जूनियर खिलाड़ी खेल किट के अभाव में राज्य स्तरीय स्कूली खेलों में उतरने को मजबूर हैं। जैम पोर्टल पर खरीद प्रक्रिया अटकने से अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के इन खिलाड़ियों के हाथ खाली हैं और उन्हें करीब 30 खेलों में बिना जरूरी सामान के ही पदक के लिए जूझना होगा।

शिक्षा निदेशालय की ओर से हरियाणा स्कूली खेलों के लिए बजट जारी किया जाता है। जिलास्तर पर विजेता खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय खेलों में जाने से पहले संबंधित खेल की सुविधाएं और किट उपलब्ध कराई जाती हैं ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। लेकिन भिवानी जिले में राज्य स्तर पर प्रतिभागिता कर रहे करीब 1500 खिलाड़ी इस सुविधा से वंचित हैं।

तीन बार बदला स्कूली खेलों का कैलेंडर, नहीं बदली व्यवस्था
हरियाणा स्कूली खेलों का कैलेंडर तीन बार बदला गया और कई खेलों की तिथियों में भी बदलाव किया गया। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं बदली। जैम पोर्टल पर समय रहते खेल सामान की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाती तो राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जाने वाले खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का मौका मिल सकता था। अब खेल सामान प्रतियोगिताओं के बाद मिलने की स्थिति है, जिससे उसका खिलाड़ियों के लिए तत्काल उपयोग भी नहीं हो सकेगा।

बिना खेल सुविधा के कैसे करेंगे बेहतर प्रदर्शन
हरियाणा शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ के पूर्व राज्य प्रधान राजेश ढांडा ने कहा कि शिक्षा विभाग खिलाड़ियों के लिए हमेशा देरी से काम करता रहा है। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी खेल सामान की खरीद में देरी के कारण खिलाड़ी बिना जरूरी सुविधाओं के राज्य स्तरीय खेलों में हिस्सा लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रमंडल खेलों में देश की झोली में सबसे अधिक पदक डाले हैं, उसी जिले के खिलाड़ी खेल किट के लिए तरस रहे हैं, यह शर्मनाक है। विभाग को चाहिए कि खेल कैलेंडर जारी होने से पहले ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि खिलाड़ी खेल सामान के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें।

हमने जैम पोर्टल पर खेल सामान खरीद की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें नौ एजेंसियां शामिल हुई थीं। तकनीकी कारणों से छह एजेंसियां रद्द हो गईं और सातवीं एजेंसी को सही माना गया था, लेकिन पोर्टल पर अचानक सभी विकल्प गायब हो गए। पोर्टल की तकनीकी खराबी की वजह से सामान की ऑनलाइन खरीद नहीं हो पाई। अब मैनुअल तरीके से शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर खेल सामान खरीद की अनुमति मांगी जाएगी।