कॉमनवेल्थ गेम्स में भिवानी के मुक्केबाजों का धमाका, भारत को दिलाए 7 मेडल; 4 बेटियों ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारतीय मुक्केबाजों ने 10 मेडल जीतकर इतिहास रचा, जिसमें अकेले हरियाणा के 7 मेडल शामिल हैं। भिवानी की 4 बेटियों ने देश के लिए गोल्ड जीता।

 
सचिन सिवाच नरेंद्र बेरवाल

भिवानी: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपनी धाक जमाते हुए नया इतिहास रच दिया है। भारत ने बॉक्सिंग स्पर्धा में 7 स्वर्ण (Gold) और 3 रजत (Silver) समेत कुल 10 पदक अपने नाम किए। इस अभूतपूर्व सफलता में हरियाणा के मुक्केबाजों का एकतरफा दबदबा देखने को मिला, जिन्होंने कुल 10 पदकों में से अकेले 7 मेडल (6 गोल्ड और 1 सिल्वर) हासिल कर देश और प्रदेश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।

भिवानी की चार 'छोरियों' ने जीता गोल्ड 
भिवानी की चारों महिला मुक्केबाजों  साक्षी चौधरी , प्रीति पवार ,जैस्मिन लंबोरिया और प्रिया घनघस  ने अपने-अपने भार वर्ग में विपक्षी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर देश की झोली में गोल्ड मेडल डाले।  पुरुष मुक्केबाजी स्पर्धा में भी हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपना लोहा मनवाया। भिवानी और हिसार के मुक्केबाजसचिन सिवाच , अंकुश पंघाल, नरेंद्र बेरवाल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीते।

एक अगस्त को कुल16 मेडल जीतने में मिली सफलता
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खाते में एक अगस्त को अलग-अलग इवेंट में कुल 16 मेडल जुड़े जिसमें सबसे ज्यादा 10 मेडल बॉक्सिंग में आए तो वहीं इसके अलावा एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में मेडल जीतने में सफलता मिली। अब भारत के कुल पदकों की संख्या 39 पहुंच गई है जिसमें 13 गोल्ड मेडल शामिल हैं।