Haryana Sports Department Update: स्कूल-कॉलेजों और पंचायतों के खेल मैदानों का मिलेगा खिलाड़ियों को लाभ, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

हरियाणा सरकार बनाएगी एकीकृत राज्य खेल पोर्टल। खेल सुविधाओं की मैपिंग, साझा कैलेंडर और टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क होगा विकसित।
 
Amneet P Kumar sports department

चंडीगढ़ : हरियाणा में खेलों को अधिक परिणामदायक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रदेश के पूरे खेल तंत्र को एकीकृत डिजिटल मंच से जोडऩे के लिए राज्य खेल पोर्टल स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशभर की खेल अवसंरचना की व्यापक मैपिंग, साझा राज्य खेल कैलेंडर और जमीनी स्तर से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक में स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों और शहरी निकायों में उपलब्ध खेल सुविधाओं को साझा उपयोग व्यवस्था के तहत लाकर संस्थागत समय के बाद मान्यता प्राप्त खिलाडिय़ों और खेल क्लबों को इनके उपयोग का अवसर दिया जाएगा।

खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि प्रस्तावित राज्य खेल पोर्टल प्रदेश के खेल तंत्र का एकीकृत डिजिटल मंच होगा। इस पर खेल सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों, प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों, प्रशिक्षकों, खेल उपकरणों, खिलाडिय़ों तथा उनकी उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। खेल अवसंरचना से जुड़े सभी विभाग, बोर्ड और निगम नोडल अधिकारी नामित करेंगे, जो पोर्टल पर सूचना को नियमित रूप से अपडेट रखेंगे।

प्रदेशभर में खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसियों के अधीन उपलब्ध खेल सुविधाओं की व्यापक मैपिंग कर एक आधारभूत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे खेल सुविधाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भविष्य की खेल अवसंरचना के विकास के लिए अधिक वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।

विभिन्न विभागों एवं संस्थानों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, टूर्नामेंटों, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य खेल गतिविधियों को शामिल करते हुए समेकित राज्य खेल कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इससे प्रतियोगिताओं की तिथियों में अनावश्यक टकराव से बचने, खेल सुविधाओं और संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा खिलाडिय़ों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।