Asian Para Games 2026: हरियाणा के पैरा स्विमर हिमांशु नांदल से देश को हैं बड़ी उम्मीदें, जानिए उनके संघर्ष की दास्तान

हरियाणा के रोहतक के दृष्टिबाधित पैरा स्विमर हिमांशु नांदल जापान में होने वाले एशियन पैरा गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी।

 
blind swimmer India

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो अंधेरे में भी रास्ते अपने आप बन जाते हैं। हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले हिमांशु नांदल ने इस बात को अपनी कड़ी मेहनत से बिल्कुल सच साबित कर दिखाया है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद हिमांशु ने पानी की लहरों को अपनी दुनिया बनाया और आज वे भारत के सबसे उभरते हुए पैरा स्विमिंग स्टार बन चुके हैं। अब हिमांशु जापान में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए मेडल जीतने के मजबूत इरादे के साथ मैदान में उतरने जा रहे हैं।

🏅 जुडो से तैराकी तक का सफर: नेशनल रिकॉर्ड बनाकर बने देश के पहले ब्लाइंड तैराक

हिमांशु नांदल ने साल 2021 में जुडो से कदम निकालकर पैरा स्विमिंग की दुनिया में प्रवेश किया था और एस-11 कैटेगरी में अपनी एक अलग पहचान बनाई। साल 2022 की अपनी पहली ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक और नेशनल रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। इसके बाद साल 2023 के हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में फाइनलिस्ट रहने और साल 2024 में पेरिस पैरालंपिक गेम्स का मिनिमम क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड हासिल करने वाले वे पहले भारतीय ब्लाइंड तैराक बने। इसके अलावा साल 2025 में हैदराबाद नेशनल चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने 'बेस्ट स्विमर' का खिताब भी अपने नाम किया।

👨‍👦 पिता का अटूट साथ और कोच का मार्गदर्शन: बिना सरकारी मदद के भी बुलंद है हिमांशु का हौसला

इस कठिन सफर में हिमांशु के पिता बलवान (जो पुलिस अधिकारी हैं) हर कदम पर चट्टान की तरह बेटे के साथ खड़े रहे, जबकि कोच रणबीर शर्मा के सटीक मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। हालांकि, इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद सरकारी स्तर पर अपेक्षित मदद न मिलने का मलाल भी है, क्योंकि पेरिस ओलंपिक का क्वालिफिकेशन मार्क पार करने के बावजूद उन्हें 'टॉप्स' (TOPS) स्कीम में शामिल नहीं किया गया था। तमाम प्रशासनिक चुनौतियों को दरकिनार करते हुए अब हिमांशु बहादुरगढ़ की एचएल सिटी स्थित चैंपियंस स्पोर्ट्स एकेडमी में रोजाना कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और जापान में होने वाले एशियन गेम्स में कई स्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीतने का सपना पूरा करने के लिए तैयार हैं।