भारत बनाम अफगानिस्तान वनडे: टीम इंडिया की शॉर्ट बॉल बनी अफगान की काल
भारत बनाम अफगानिस्तान वनडे सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों की 'शॉर्ट बॉल' रणनीति ने अफगान बल्लेबाजों को घुटनों पर ला दिया है। जानें क्यों चेन्नई में क्लीन स्वीप तय है।
भारत दौरे पर खेला इकलौता टेस्ट तो अफगानिस्तान की टीम पहले ही हार चुकी थी. अब उसने वनडे सीरीज भी गंवा दी है. भारत ने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़ ले ली है. चेन्नई में होने वाले तीसरे वनडे में अफगानियों का यही हाल उससे इनकार नहीं किया जा सकता. मगर सवाल है क्यों? इसका जवाब है वो एक गेंद, जिसने अफगान बल्लेबाजों की नाक में दम कुछ ज्यादा किया है. जो मौजूदा वनडे सीरीज में टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों का अचूक हथियार बनी दिखी. अपनाने को अफगान के पेसर्स ने भी उस गेंद का इस्तेमाल किया, मगर वो असर नहीं छोड़ पाए जो भारतीयों ने छोड़ा. अब सवाल है वनडे सीरीज में भारतीय पेसर्स का अचूक हथियार बनी वो एक गेंद है कौन सी? वो गेंद है- शॉर्ट बॉल.
भारतीय पेसर्स ने शॉर्ट बॉल पर निकाले करीब 50% विकेट
वनडे सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में अफगानिस्तान की टीम ऑलआउट हुई. मतलब उसके 20 विकेट गिरे. उन 20 विकेटों 4 विकेट स्पिनर्स ने लिए और एक बल्लेबाज रिटायर्ड हर्ट हुआ. यानी, 15 विकेट सिर्फ भारतीय पेसर्स ने चटकाए और इनमें से करीब आधे विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट बॉल पर लिए.
शॉर्ट बॉल और IND-AFG पेसर्स के बीच का फर्क
भारतीय पेसर्स ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले 2 मुकाबलों में 126 शॉर्ट बॉल फेंकी, जिस पर उन्होंने 16.28 की औसत और 5.42 की इकॉनमी के साथ 7 विकेट लिए. शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल कर कहर बरपाने में भारतीय पेसर्स अपने अफगानी काउंटरपार्ट से कैसे आगे रहे, उसका पता इन आंकड़ों से चलता है. अफगानिस्तान के पेसर्स ने वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों में 103 शॉर्ट बॉल फेंकी, जिस पर उन्होंने 75.50 की औसत और 8.79 की इकॉनमी के साथ केवल 2 विकेट लिए.
शॉर्ट बॉल है तो चेन्नई में भी जीत पक्की!
साफ है कि धर्मशाला से लखनऊ तक शॉर्ट बॉल से असर छोड़ने में भारतीय तेज गेंदबाज, अफगान पेसर्स पर बीस रहे हैं. अब अगर तीसरे वनडे में भी यही अचूक हथियार टीम इंडिया की ताकत रहा तो चेन्नई में अफगानिस्तान की क्लीन स्वीप की स्क्रिप्ट लिखनी तय है.

