Haryana Agriculture Update: पानीपत में धान खरीद और उठान में लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई, डीसी ने परखी व्यवस्थाएं
पानीपत के मतलौडा मंडी में बारिश के पानी और फसल खराब होने के मामले पर सीएम के संज्ञान के बाद डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किया औचक निरीक्षण।
पानीपत में गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद मतलौडा अनाज मंडी में जलभराव और किसानों की भीगी हुई फसल का मामला विदेशों में मौजूद मुख्यमंत्री तक जा पहुँचा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए पानीपत के उपायुक्त को फोन पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुपालन में शुक्रवार को जिला उपायुक्त (DC) डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मतलौडा अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान की खरीद, फसल के उठान, किसानों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं और मंडी की संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
⚠️ लापरवाही बरतने वालों पर गिरेगी गाज: डीसी ने दो टूक कहा- फसल भीगने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसानों की फसल को सुरक्षित रखना और भीगने से बचाना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। यदि मंडी में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों की धान की फसल भीगती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने स्वयं मंडी में धान की ढेरियों के पास जाकर मॉइश्चर मीटर से नमी की जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी या किसानों को परेशान करने की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🍽️ अटल किसान-मजदूर कैंटीन का भी किया निरीक्षण, रजिस्टर जब्त कर पारदर्शिता की जांच के दिए निर्देश
औचक निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने मंडी परिसर में चल रही 'अटल किसान-मजदूर कैंटीन' का भी जायजा लिया। उन्होंने कैंटीन के रिकॉर्ड रजिस्टर की प्रविष्टियों का सत्यापन किया और अब तक भोजन करने वाले किसानों व मजदूरों की वास्तविक संख्या की जानकारी ली। आंकड़ों की सत्यता की पुष्टि के लिए डीसी संबंधित रजिस्टर को अपने साथ भी ले गए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँचना चाहिए और इसके संचालन में पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।