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Haryana Sports News: "जापान एशियन गेम्स और 2028 ओलंपिक पर नजर"— भिवानी पहुंचीं कॉमनवेल्थ विजेता साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस

'मिनी क्यूबा' भिवानी में कॉमनवेल्थ खेल में गोल्ड जीतने वालीं साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस का भव्य स्वागत हुआ। दोनों मुक्केबाजों ने जीत देश को समर्पित की।

 

भिवानी: मुक्केबाजों की धरती और मिनी क्यूबा के नाम से मशहूर भिवानी में कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं बेटियों का भव्य स्वागत किया गया. गांव धनाना की गोल्ड मैडलिस्ट साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस के सम्मान में शहर में विजय जुलूस निकाला गया. फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों, मिठाइयों और बुजुर्गों के आशीर्वाद के बीच दोनों खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया. शहरवासियों ने भारत का नाम रोशन करने वाली इन बेटियों का जोरदार स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया.

दोनों बेटियों ने देश को समर्पित किया गोल्ड: कॉमनवेल्थ गोल्ड मैडलिस्ट साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम और प्रिया घणघस ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. साक्षी चौधरी ने कहा कि, "हम अपना गोल्ड मैडल देश को समर्पित करते हैं. देशवासियों और अपने शहर से मिला सम्मान हमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है. हमारी अगली तैयारी जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए है. इसके बाद पूरा फोकस 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर रहेगा."

"सपने देखिए और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत कीजिए": वहीं, प्रिया घणघस ने कहा कि, "जीवन में बड़े सपने जरूर देखने चाहिए. उन सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है, तभी सफलता मिलती है. हम अपनी जीत का श्रेय देशवासियों, खेल प्रेमियों, अपने कोच, माता-पिता और कठिन मेहनत को देते हैं. 2027 से ओलंपिक क्वालीफिकेशन मुकाबले शुरू होंगे, जिसके लिए वे अपनी फिटनेस और स्ट्रेंथ पर विशेष ध्यान देंगी."

"हौसला ही दिलाता है जीत": द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जगदीश ने कहा, "मिनी क्यूबा के मुक्केबाजों ने एक बार फिर अपनी पहचान को मजबूत किया है. इस बार बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिक पदक जीते हैं और अकेले भिवानी के पांच मुक्केबाज गोल्ड मैडल लेकर आए हैं. मुक्केबाजी स्पीड, एंड्योरेंस और स्ट्रेंथ का खेल है, लेकिन हिम्मत, जज्बा और मजबूत मनोबल के बिना इन गुणों का पूरा लाभ नहीं मिलता."

भिवानी के लिए विशेष बजट की मांग: भिवानी बॉक्सिंग क्लब के अध्यक्ष कमल प्रधान ने कहा, "यह पूरे भिवानी के लिए गर्व का क्षण है. सरकार को मुक्केबाजी को बढ़ावा देने के लिए भिवानी के लिए विशेष बजट देना चाहिए. भविष्य में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी हरियाणा को मिले ताकि प्रदेश में खेल संस्कृति और मजबूत हो सके."

"विजेता खिलाड़ियों को मिले बड़े अवसर": कांग्रेस के जिला प्रधान प्रदीप गुलिया ने कहा, "कॉमनवेल्थ खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने सबसे अधिक पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. ऐसे में भविष्य में इन खेलों की मेजबानी हरियाणा को मिलनी चाहिए. सरकार को विजेता खिलाड़ियों को उच्च पदों पर नियुक्त कर उनका सम्मान करना चाहिए, ताकि युवा खेलों की ओर और अधिक प्रेरित हों."