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हांसी के लाल नरेंद्र बेरवाल की ऐतिहासिक उपलब्धि, सोरखी गांव में जश्न का माहौल; पढ़ें पूरी रिपोर्ट

हांसी के सोरखी गांव के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स के 90+ किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। जानिए उनके सफर की पूरी कहानी।

 

हांसी :  जिले के सोरखी गांव के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष 90+ किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर जिले और देश का नाम रोशन किया है। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के डमार थॉमस ने उन्हें 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हालांकि नरेंद्र स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने रजत पदक हासिल कर भारत की झोली में एक और पदक डाला।नरेंद्र की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही सोरखी गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटी और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर नरेंद्र की सफलता का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।कॉमनवेल्थ खेलों में इस बार भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने मुक्केबाजी में 7 स्वर्ण और 3 रजत पदकों सहित कुल 10 पदक अपने नाम किए।नरेंद्र बेरवाल हांसी जिले के सोरखी गांव के निवासी हैं और भारतीय सेना की सिग्नल कोर में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उनके पिता जगदीश बेरवाल किसान हैं, जबकि माता रोशनी देवी गृहिणी हैं।

उनके बड़े भाई जोगिंदर बेरवाल हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं और वर्तमान में गुरुग्राम में तैनात हैं।नरेंद्र की इस उपलब्धि पर पूरे हांसी जिले में गर्व का माहौल है। ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। गौरतलब है कि इसी महीने नरेंद्र बेरवाल को उनकी उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जाएगा।