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क्या कार AC चलाने से माइलेज कम होता है? जानें सच और फ्यूल बचाने के टिप्स

भीषण गर्मी में कार AC का इस्तेमाल क्या आपकी जेब पर भारी पड़ रहा है? जानें AC चलाने से माइलेज पर कितना असर पड़ता है और ईंधन बचाने के कारगर तरीके।

 

गर्मियों के मौसम में कार का AC किसी राहत से कम नहीं होता. जब बाहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब बिना AC के सफर करना काफी मुश्किल हो जाता है. हालांकि AC का इस्तेमाल करते समय ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या इससे कार ज्यादा ईंधन खर्च करती है और माइलेज कम हो जाता है?

इस सवाल का जवाब हां है, लेकिन इसका असर उतना ज्यादा नहीं होता जितना कई लोग समझते हैं. दरअसल, AC चलने के लिए कार के इंजन से पावर लेता है. जैसे ही आप AC ऑन करते हैं, उसका कंप्रेसर काम करना शुरू कर देता है और इंजन पर अतिरिक्त भार बढ़ जाता है. इसी वजह से इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है.

कितना कम हो सकता है माइलेज?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AC का लगातार इस्तेमाल करने पर कार के माइलेज में लगभग 5 से 15 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. आपको उदाहरण के तौर पर बताए तो, अगर आपकी कार सामान्य परिस्थितियों में 18 किलोमीटर प्रति लीटर का माउलेज देती है, तो AC चलाने पर ये 15 से 17 किलोमीटर प्रति लीटर के बीच आ सकता है.

हालांकि ये अंतर हर कार में समान नहीं होता. इंजन की क्षमता, वाहन का वजन, बाहर का तापमान और ड्राइविंग स्टाइल जैसी कई चीजें भी माइलेज को प्रभावित करती हैं.

शहर और हाईवे में अलग होता है असर

अगर आप शहर के भारी ट्रैफिक में गाड़ी चला रहे हैं, तो AC का असर माइलेज पर ज्यादा महसूस हो सकता है. बार-बार ब्रेक लगाने और गाड़ी रोकने-चलाने के कारण इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

वहीं, हाईवे पर लगातार एक समान गति से चलने के दौरान AC का प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है. ऐसे में फ्यूल खपत उतनी तेजी से नहीं बढ़ती.

AC चलाते समय कैसे बचाएं ईंधन?

अगर आप बेहतर माइलेज चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं. कार में बैठते ही AC को फुल स्पीड पर चालू करने के बजाय पहले खिड़कियां खोलकर अंदर की गर्म हवा बाहर निकलने दें. इससे AC को केबिन ठंडा करने में कम मेहनत करनी पड़ेगी.

इसके अलावा AC फिल्टर की समय-समय पर सफाई और सर्विसिंग करवाना भी जरूरी है. गंदा फिल्टर सिस्टम की क्षमता कम कर देता है और फ्यूल की खपत बढ़ा सकता है.साथ ही तेज रफ्तार से एक्सीलेरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचें. स्मूद ड्राइविंग न केवल सुरक्षित होती है, बल्कि माइलेज बढ़ाने में भी मदद करती है.