{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Diwali Dhanteras Offers 2026: फेस्टिव सीजन में कार या बाइक खरीदने जा रहे हैं? डीलर के इन 6 डिस्काउंट ट्रैप से बचें, जानिए काम की बातें

फेस्टिव सीजन में कार या बाइक खरीदने से पहले जान लें जरूरी बातें। डिस्काउंट, फ्री एक्सेसरीज, इंश्योरेंस और PDI चेक से जुड़े काम के टिप्स पढ़ें।
 

दिवाली और धनतेरस के पावन मौके पर नई गाड़ी खरीदना कई लोगों के लिए एक सपना पूरा होने जैसा होता है। इस उमंग को भुनाने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां और डीलरशिप ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के लुभावने ऑफर लेकर आते हैं। कहीं भारी-भरकम छूट का दावा किया जाता है, तो कहीं एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट डिस्काउंट और फ्री एक्सेसरीज का लालच दिया जाता है। पहली नजर में ये सभी ऑफर्स बेहद फायदेमंद लगते हैं, लेकिन इनके साथ कई बार ऐसी छिपी हुई शर्तें जुड़ी होती हैं जिनके बारे में ग्राहक को शुरुआत में नहीं बताया जाता। यदि आप भी इस फेस्टिव सीजन में कार या बाइक खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानना बेहद जरूरी है।

🗓️ डिस्काउंट के लालच में पुराना स्टॉक न खरीद बैठें; बुकिंग से पहले जरूर जांचें मैन्युफैक्चरिंग महीना और साल

पुरानी गाड़ियों के स्टॉक से जुड़ी सावधानी:

  • पुराना स्टॉक खपाने की रणनीति: त्योहारों के दौरान कई डीलर अपने यार्ड में खड़े पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए बंपर छूट का ऑफर देते हैं। कई बार ग्राहकों को पिछले साल निर्मित गाड़ियां भी भारी डिस्काउंट के नाम पर थमा दी जाती हैं।

  • क्या करें ग्राहक: इसलिए किसी भी वाहन की बुकिंग करने से पहले उसका मैन्युफैक्चरिंग मंथ और ईयर (Manufacturing Month & Year) फॉर्म या वीआईएन नंबर से जरूर जांच लें। केवल बड़े डिस्काउंट के लालच में पुरानी गाड़ी खरीदने से बचें और नए व पुराने स्टॉक की वास्तविक कीमतों की तुलना जरूर करें।

🛠️ फ्री एक्सेसरीज के नाम पर न बढ़वाएं बिल; बिना पूछे दूसरी मदों में जोड़े जा सकते हैं पैसे

एक्सेसरीज और अतिरिक्त चार्ज का खेल:

  • हिडन चार्जेस: कई शोरूम प्रबंधक सीट कवर, फ्लोर मैट, बॉडी कवर और मड फ्लैप जैसी एक्सेसरीज मुफ्त देने का दावा करते हैं, लेकिन कई मामलों में इनकी कीमत को सर्विस चार्ज या किसी अन्य रूप में फाइनल बिल में जोड़ दिया जाता है।

  • स्पष्ट बातचीत जरूरी: डीलर से पहले ही लिखित में यह स्पष्ट कर लें कि कौन-कौन सी चीजें बिना किसी अतिरिक्त लागत के मिल रही हैं। जो एक्सेसरीज आपको उपयोगी न लगें, उन्हें तुरंत बिल से हटवा दें।

🛡️ डीलरशिप का इंश्योरेंस लेना अनिवार्य नहीं; बाजार में दूसरी कंपनियों से प्रीमियम की तुलना जरूर करें

वाहन बीमा (Insurance) से जुड़े नियम:

  • पॉलिसी की तुलना: शोरूम द्वारा सुझाया गया मोटर इंश्योरेंस ही खरीदना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रीमियम और क्लेम सेटलमेंट में बड़ा फर्क हो सकता है।

  • जरूरी कवर्स: बाहर की कंपनियों से भी ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रीमियम की कीमत पता करें। पॉलिसी लेते समय आईडीवी (IDV), जीरो डेप्रिसिएशन (Zero Depreciation) और ऐड-ऑन कवर जैसी सुविधाओं की पूरी जानकारी अवश्य समझ लें।

🔄 एक्सचेंज बोनस के चक्कर में न गंवाएं पुरानी गाड़ी की सही कीमत; शर्तों को ध्यान से समझें

पुरानी गाड़ी बदलने के नियम:

  • नियमों की शर्तें: पुरानी गाड़ी एक्सचेंज करने पर मिलने वाला एक्सचेंज बोनस हर ग्राहक के लिए लागू हो यह जरूरी नहीं है। इसके लिए गाड़ी की तय उम्र, कंडीशन और अन्य कागजी शर्तें हो सकती हैं।

  • मार्केट वैल्यू जांचें: अपनी पुरानी कार या बाइक की कीमत दूसरी यूज्ड कार एजेंसियों या मार्केट में भी पता कर लें, ताकि केवल एक्सचेंज बोनस के आकर्षण में आप अपनी गाड़ी को कम कीमत पर न बेच दें।

🔍 डिलीवरी की जल्दी में कभी न छोड़ें PDI (प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन) की प्रक्रिया

गाड़ी की जांच और डिलीवरी के टिप्स:

  • PDI का महत्व: त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ और डिलीवरी की हड़बड़ी में कई ग्राहक गाड़ी की बारीकी से जांच नहीं करते हैं, जो आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन सकता है। शोरूम से गाड़ी बाहर निकालने से पहले PDI (Pre-Delivery Inspection) अनिवार्य रूप से करें।

  • क्या जांचें: गाड़ी का एक्सटीरियर पेंट, बॉडी लाइन, टायर की स्थिति, सभी लाइट्स, इंटीरियर फीचर्स, ओडोमीटर रीडिंग और इंजन की आवाज की जांच करें। इसके अलावा चेसिस नंबर (Chassis Number) और इंजन नंबर को गाड़ी के आरसी और अन्य कागजात से जरूर मिलाएं।

💰 कम डाउन पेमेंट और छोटी ईएमआई के जाल में फंसने से पहले समझें लोन और कैंसिलेशन की शर्तें

फाइनेंस और बुकिंग की शर्तें:

  • लोन की अवधि और ब्याज: कम डाउन पेमेंट और छोटी EMI देखकर बिना सोचे-समझे तुरंत लोन के कागज पर हस्ताक्षर न करें। अक्सर कम ईएमआई के फेर में लोन की अवधि (Tenure) बहुत बढ़ा दी जाती है, जिससे बैंक को ब्याज के रूप में बहुत अधिक पैसा चुकाना पड़ता है। ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस की पूरी गणना समझ लें।

  • रिफंड पॉलिसी: किसी भी गाड़ी की बुकिंग का एडवांस अमाउंट देने से पहले डीलरशिप से कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़ी पॉलिसी की शर्तें हमेशा लिखित रूप में ही प्राप्त करें।