JLR घटाएगी रेंज रोवर की कीमतें: भारत-यूके ट्रेड डील से ₹1 करोड़ तक की बचत
भारत-ब्रिटेन FTA का बड़ा असर! जगुआर लैंड रोवर (JLR) अपनी रेंज रोवर SV सीरीज की कीमतों में ₹1.06 करोड़ तक की कटौती कर सकती है। जानें नए दाम और किसे मिलेगा फायदा।
भारतीय कार निर्माता टाटा मोटर्स की सब्सिडरी जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद कीमतें घटाने वाली पहली कंपनी बन सकती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, JLR बहुत जल्द कीमतें घटाने का ऐलान कर सकती है. इस समझौते के तहत, ब्रिटेन से पूरी तरह से निर्मित कारों पर आयात शुल्क पहले वर्ष में 110 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. ध्यान देने वाली बात ये है कि कीमतों में कटौती का लाभ सिर्फ रेंज रोवर SV मॉडल पर ही मिलेगा. आलिया भट्ट, रणवीर सिंह, सोनम कपूर और रणदीप हुड्डा जैसे कई सेलिब्रिटीज के पास यही मॉडल है.
भारत-ब्रिटेन ट्रेड डील जुलाई 2025 में हुई थी. वर्तमान में ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली वाली पूरी तरह बनी हुई कारों पर भारी आयात शुल्क लगता है, जिससे इनकी कीमतें 3 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाती हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 13-25 प्रतिशत तक की कटौती का अनुमान है, जिसमें टॉप वेरिएंट पर कीमत कटौती 1.06 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.
रेंज रोवर SV की नई कम कीमत
रेंज रोवर स्पोर्ट SV एडिशन टू की कीमत अभी 2.75 करोड़ रुपये है, जो घटकर लगभग 2.35 करोड़ रुपये हो सकती है. यानी इसमें करीब 40 लाख रुपये की कमी आ सकती है. इसी तरह रेंज रोवर का 4.4-लीटर पेट्रोल SV मॉडल की कीमत 4.25 करोड़ रुपये है. पूरी ड्यूटी में राहत मिलने के बाद लगभग 3.19 करोड़ रुपये तक आ सकती है. साथ ही एक नया स्टैंडर्ड रेंज रोवर स्पोर्ट SV वेरिएंट 2.05 करोड़ रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है.
दूसरे मॉडल क्यों नहीं होंगे सस्ते?
ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल यूके से आयात किए गए SV मॉडल ही इस कीमत में कटौती के दायरे में आएंगे. इसकी वजह है कि रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट, वेलार और डिस्कवरी स्पोर्ट जैसे कई पॉपुलर मॉडल पुणे में असेंबल किए जाते हैं. इन मॉडलों पर पहले से ही कम ड्यूटी लगती है. हालांकि, डिफेंडर को स्लोवाकिया में बनाया जाता है, लेकिन डील का असर इस पर नहीं होगा. भारत के लग्जरी कार बाजार में JLR की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है. अब नई कीमत कटौती के बाद कंपनी को मर्सिडीज और BMW से मुकाबला करने में बड़ी मदद मिलेगी. ध्यान देने वाली बात ये है कि मर्सिडीज और BMW की कारों पर डील का असर नहीं होगा, क्योंकि इनके पास यूके में कोई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं है.