Kia MQ4i 7-Seater SUV: भारत में जल्द आएगी किआ की नई हाइब्रिड एसयूवी
Kia भारत में Sorento बेस्ड नई 7-सीटर SUV 'MQ4i' लॉन्च करने को तैयार। 1.5L हाइब्रिड इंजन, ADAS लेवल-2 और लग्जरी फीचर्स से लैस। जानें लॉन्च डेट और संभावित कीमत।
Kia भारत के लिए एक नई तीन-रो वाली SUV लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो कंपनी के प्रोडक्ट लाइनअप में Seltos से ऊपर रहेगी. इसे कोडनेम MQ4i दिया गया है. ये 7-सीटर SUV ग्लोबली उपलब्ध Kia Sorento पर आधारित होने की संभावना है, जिसमें कई पावरट्रेन ऑप्शन मिलते हैं.हालांकि इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि ये 2027 में भारत में आ जाएगी.
कीमत और बाजार में इसकी स्थिति की बात करें तो, सोरेंटो पर बेस्ड ये एसयूवी महिंद्रा XUV 7XO, टाटा सफारी, एमजी हेक्टर प्लस और हुंडई अल्काज़ार को टक्कर देगी. हालांकि, पावरफुल हाइब्रिड इंजन से लैस मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा हाइराइडर के आने वाली 7-सीटर वेरिएंट इस सेगमेंट में इसके सीधे मुकाबला साबित हो सकते हैं. इस आने वाले मॉडल का प्रोडक्शन किआ के अनंतपुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में किया जाएगा.
हाइब्रिड पावरट्रेन
नई किआ थ्री-रो एसयूवी का प्लेटफॉर्म सोरेंटो के साथ साझा किया जाएगा. हालांकि, इसमें एक नया नाम और एक अलग इंजन होने की उम्मीद है. खबरों के मुताबिक, वाहन निर्माता कंपनी अपने आजमाए हुए 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन को इलेक्ट्रिक रूप में पेश कर सकती है, जिसे एक छोटे लिथियम-आयन बैटरी पैक और एक इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा जाएगा.
ये लोकलाइज्ड हाइब्रिड पावरट्रेन कंपनी के लिए काफी मददगार होगा. ट्रांसमिशन के ऑप्शन में e-CVT या DCT शामिल हो सकते हैं. SUV में FWD (फ्रंट-व्हील ड्राइव) सिस्टम हो सकता है, जबकि हाई वेरिएंट्स में AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) भी दिया जा सकता है.वैश्विक स्तर पर, सोरेंटो चार पावरट्रेन ऑप्शन के साथ आती है – एक 230 बीएचपी, 1.6 लीटर टर्बो पेट्रोल हाइब्रिड, एक 261 बीएचपी, 1.6 लीटर प्लग-इन हाइब्रिड, एक 191 बीएचपी, 2.5 लीटर टर्बो पेट्रोल और एक 202 बीएचपी, 2.2 लीटर डीजल.
प्रीमियम इंटीरियर और फीचर्स
अपनी प्रीमियम स्थिति को देखते हुए, नई किआ 7-सीटर एसयूवी में लेवल-2 एडीएएस, कनेक्टेड कार तकनीक, ओटीए अपडेट, पैनोरमिक सनरूफ, डुअल स्क्रीन सेटअप, वेंटिलेटेड फ्रंट और रियर सीटें, कैप्टन सीटें, प्रीमियम ऑडियो सिस्टम, मल्टीपल एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल और कई हाई तकनीकें होने की उम्मीद है.