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Minor Girl Abuse Case News Updates: क्या है असम की नाबालिग बच्ची से जुड़े भिवानी दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले का पूरा सच?

भिवानी में असम की नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर दुष्कर्म और देह व्यापार का मामला सामने आया। दो आरोपी गिरफ्तार, हेड कांस्टेबल की भूमिका पर जांच।
 

भिवानी: असम से ताल्लुक रखने वाली एक बेसहारा नाबालिग बच्ची के साथ अमानवीयता और दरिंदगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने न केवल बच्ची को बंधक बनाया, बल्कि उसके साथ दुष्कर्म कर देह व्यापार के दलदल में भी धकेल दिया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीएसपी अनूप के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) पूरे मामले की गहराई से जाँच कर रही है। इस गंभीर घटना में औद्योगिक क्षेत्र थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल की संदिग्ध भूमिका की भी विभागीय जाँच की जा रही है।

🚂 माता-पिता के निधन के बाद काम की तलाश में भिवानी आई थी पीड़िता; रेलवे स्टेशन पर हुई थी खौफनाक शुरुआत

घटना की पृष्ठभूमि और आपबीती:

  • असम से हरियाणा का सफर: पुलिस के मुताबिक 13 अक्तूबर को औद्योगिक क्षेत्र थाने में एक नाबालिग बच्ची पहुँची और उसने अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसके माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है और वह करीब दो साल पहले असम से काम की तलाश में भिवानी आई थी।

  • शादी और प्रताड़ना: यहाँ एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद से ही आरोपी उसे प्रताड़ित करने लगा और घर से बाहर नहीं निकलने देता था।

  • गेस्ट हाउस में दरिंदगी: करीब 5 महीने पहले वह घर से भागकर रेलवे स्टेशन पहुँची, जहाँ पुलिस ने ममता नाम की महिला के साथ हुए उसके झगड़े के बाद दोनों में समझौता करवा दिया। आरोप है कि थाने के एक हेड कांस्टेबल ने उसे अकेला पाकर अपने परिचित शंकर को बुलाया और उसे गेस्ट हाउस में ठहराने को कहा। शंकर ने उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और करीब साढ़े तीन महीने तक अन्य लोगों से भी उसका यौन शोषण करवाया।

⛓️ गेस्ट हाउस से भागकर असम जाने पर नहीं मिला सहारा; वापस लौटने पर रोहतक में फिर बनी बंधक

मानव तस्करी का पूरा जाल:

  • रोहतक में दोबारा कैद: करीब डेढ़ महीने पहले बच्ची गेस्ट हाउस से भागकर वापस असम चली गई थी, लेकिन वहां कोई सहारा न मिलने पर वह पुनः भिवानी लौट आई। यहां से बस से रोहतक जाते समय उसे अंजलि पत्नी रजनीश मिली, जो उसे अपने घर ले गई और वहां भी उसे बंधक बनाकर गलत काम करवाया गया।

  • पुलिस तक पहुँच: पीड़िता किसी तरह 11 अक्तूबर को भिवानी पहुँची और दो दिन बाद पुलिस के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शंकर, अंजलि व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची को सुरक्षित बाल कल्याण समिति, करनाल के सुपुर्द कर दिया गया है।

🏛️ पुलिस की लापरवाही पर गरमाई सियासत; NHRC को दी गई शिकायत, स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग

बाल अधिकार आयोग और मानवाधिकार का हस्तक्षेप:

  • एनएचआरसी को शिकायत: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने पूरी घटना में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो को औपचारिक शिकायत देकर मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

  • पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: वर्मा ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल ने बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश करने के बजाय अपने परिचित शंकर के हवाले कर दिया और वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना नहीं दी।

  • उठ रहे अहम सवाल: इस मामले में यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि गेस्ट हाउस में साढ़े तीन महीने तक बच्ची के यौन शोषण में कौन-कौन लोग शामिल थे, और हेड कांस्टेबल के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जाँच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर संलिप्त पाए जाने वाले प्रत्येक शख्स पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।