Chandigarh Crime: जज को ब्लैकमेल कर मांगी 2 करोड़ की रंगदारी, रोहतक का वकील गिरफ्तार
चंडीगढ़ में जज को आपत्तिजनक वीडियो के नाम पर डराकर 2 करोड़ मांगने वाला रोहतक का वकील और उसका सहायक गिरफ्तार। साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, जांच में जुटी पुलिस।
चंडीगढ़ और हरियाणा के न्यायिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक जज को ब्लैकमेल करने की सनसनीखेज साजिश सामने आई। चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहतक के एक प्रैक्टिसिंग वकील और उसके सहायक को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने एक माननीय जज को उनके किसी कथित आपत्तिजनक वीडियो के नाम पर डराया और मामले को रफा-दफा करने के बदले 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस इसे किसी बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा मानकर चल रही है।
साइबर सेल का जाल और रोहतक में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की थी। जैसे ही जज की ओर से शिकायत मिली, पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबिश दी। रोहतक में की गई इस छापेमारी के दौरान वकील और उसके सहायक को रंगे हाथों धर दबोचा गया। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने जज पर दबाव बनाने के लिए कई बार फोन किए थे और वीडियो लीक करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
रिमांड के दौरान खुलेंगे कई गहरे राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक वकील तक सीमित नहीं हो सकता। जिस तरह से एक जज को निशाना बनाया गया, उससे अंदेशा है कि इस साजिश के पीछे कुछ और सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी किसी न्यायिक अधिकारी या रसूखदार व्यक्ति को इसी तरह अपने जाल में फंसाया है।
न्यायिक जगत में चर्चा का विषय
एक वकील द्वारा जज को ही ब्लैकमेल करने की इस घटना ने कानूनी हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल, जज की सुरक्षा और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और डिजिटल साक्ष्यों को पुख्ता करने में जुटी है ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।