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Faridabad Cyber Police Action: फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, राजस्थान से जुड़े तार

फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना NIT टीम ने फर्जी महिला प्रोफाइल और न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

 

फरीदाबाद  : फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना एनआईटी की टीम ने लोगों को ब्लैकमेल कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नाबालिग सहित तीन लोगों को काबू किया है। जिनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 4 फर्जी सिम कार्ड, महिलाओं के नाम से बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया एवं जी-मेल अकाउंट, अश्लील वीडियो तथा चैटिंग से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 5 अगस्त को साइबर थाना एनआईटी की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आसिफ उर्फ भस्सू निवासी कैथवाड़ा, जिला डीग (राजस्थान), उसका साला अमान निवासी जमाई कॉलोनी, फरीदाबाद तथा एक अन्य नाबालिग मिलकर  लोगों को ब्लैकमेल कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत जमाई कॉलोनी क्षेत्र में छापेमारी की और तीनों को काबू कर लिया।

पुलिस प्रवक्ता अनुसार पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर महिलाओं के नाम से नकली प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइलों पर युवतियों की तस्वीरें लगाकर लोगों से दोस्ती करते और फिर बातचीत का सिलसिला शुरू कर वीडियो कॉल करते थे। वीडियो कॉल के दौरान वे पहले से डाउनलोड की गई अश्लील वीडियो चलाकर सामने वाले व्यक्ति को यह विश्वास दिलाते थे कि वास्तविक महिला उससे बात कर रही है।

इसके बाद आरोपी स्क्रीन रिकॉर्डर की मदद से पीड़ित की वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे। बाद में उस रिकॉर्डिंग को एडिट कर अश्लील वीडियो के साथ जोड़ दिया जाता था। फिर उस एडिट वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने, परिजनों एवं परिचितों को भेजने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पीड़ितों से मोटी रकम की मांग की जाती थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार फर्जी SIM कार्ड, महिलाओं के नाम से संचालित फर्जी सोशल मीडिया एवं जी-मेल अकाउंट, अश्लील वीडियो और चैटिंग का रिकॉर्ड बरामद किया है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ भस्सू को माननीय अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि गिरोह के नेटवर्क, साइबर ठगी से अर्जित रकम तथा अन्य सहयोगियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा सके। वहीं आरोपी अमान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है तथा नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। 

जांच में यह भी सामने आया कि बरामद की गई एक SIM के संबंध में राजस्थान में 2 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं।फरीदाबाद पुलिस की नागरिकों से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें। सोशल मीडिया पर अज्ञात प्रोफाइल से दोस्ती करने से बचें तथा किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।