Faridabad Palla Crime: फरीदाबाद के पल्ला में किशोर के साथ दरिंदगी, पार्षद के करीबियों पर लगा मारपीट का आरोप
फरीदाबाद: पल्ला थाना क्षेत्र के रोशन नगर में 17 वर्षीय किशोर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. इस मारपीट का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में कुछ लोग किशोर को बाल पकड़कर खींचते और थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं. वीडियो में किशोर बार-बार छोड़ने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और चार नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
फरीदाबाद में किशोर के साथ मारपीट: पूरा मामला पल्ला थाना क्षेत्र की नवीन नगर चौकी के अंतर्गत वार्ड नंबर-26 का बताया जा रहा है. फरीदाबाद पुलिस के मुताबिक ये घटना 30 जुलाई की है, लेकिन वीडियो अब सामने आया है. बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय किशोर बाइक से रोशन नगर की एक गली से होकर अपने घर जा रहा था. बारिश के कारण गली में कीचड़ जमा था. जिसके चलते बाइक से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे की ड्रेस पर कीचड़ पड़ गया. इसी बात को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने शिवम को रोक लिया और उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी.
पार्षद के परिचित पर आरोप: इसके बाद विवाद और बढ़ गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने किशोर के साथ मारपीट शुरू कर दी. वीडियो में लाल रंग की शर्ट पहने एक युवक किशोर को थप्पड़ मारते और उसके बाल पकड़कर खींचते हुए दिखाई दे रहा है. वीडियो में वार्ड नंबर-26 के स्थानीय पार्षद लाल मिश्रा के कुछ परिचित और सहयोगी भी दिखाई दे रहे हैं. इनमें मिथिलेश झा और पार्षद का ड्राइवर भी शामिल बताए जा रहे हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा: हालांकि, वीडियो में मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है. मारपीट के बाद किशोर अपने घर पहुंचा और परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी. किशोर के परिजनों का आरोप है कि वीडियो में आदर्श, अजय और मिथिलेश झा समेत अन्य लोग मौजूद थे. परिवार का कहना है कि उन्होंने आरोपियों से बातचीत कर मामले को आपसी स्तर पर सुलझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी.
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज: पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि "किशोर के दोस्त ने चौकी पहुंचकर शिकायत दी. शिकायत के आधार पर चार नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ लोग उनके पार्षद के सहयोगी हैं और उनके कार्यालय पर आते-जाते हैं." वहीं पार्षद के मुताबिक उन्हें विवाद की जानकारी दो दिन पहले मिली थी, जिसके बाद उन्होंने संबंधित लोगों को समझाने का प्रयास किया था. उन्होंने कहा कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ, इसकी पूरी जानकारी उन्हें बाद में मिली.