Crime Data Analysis Updates: अपराध नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस का अनूठा कदम, थानों के पैटर्न पर तैयार होगी एंटी-क्राइम स्ट्रैटेजी
चंडीगढ़: हरियाणा में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए पुलिस महकमे ने अपनी कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया है। अब पुलिस प्रदेश स्तर के समग्र आंकड़ों के बजाय हर थाने के स्तर पर अलग से क्राइम रिकॉर्ड को खंगालेगी। किस विशेष इलाके में किस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं, इसके मूल कारण क्या हैं और किन संवेदनशील जगहों पर पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने की सबसे ज्यादा जरूरत है, इसका सूक्ष्म विश्लेषण कर ही अब आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने बुधवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यह सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में यह भी दावा किया गया कि इस वर्ष के पहले 10 महीनों में प्रदेश में कुल अपराध पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9.41 प्रतिशत कम हुए हैं।
🔍 थानों के हिसाब से बदलेगा अपराध का पैटर्न; हत्या और डकैती के कारणों पर विशेष फोकस
अपराध नियंत्रण और पेट्रोलिंग के नए निर्देश:
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आईजी राकेश आर्य की रिपोर्ट: बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (IG) राकेश आर्य ने विभिन्न थानों के हिसाब से बदल रहे अपराध के पैटर्न की विस्तृत जानकारी पेश की।
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सख्त पेट्रोलिंग योजना: डीजीपी ने हत्या, डकैती और अन्य गंभीर वारदातों के बढ़ते मामलों के सटीक कारणों की पहचान करने तथा अपराध के स्थान व प्रकृति (Nature of Crime) के अनुसार ही थानों की पेट्रोलिंग बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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सीसीटीवी और जवाबदेही: सभी थानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने और अपने कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
👧 कम उम्र की लापता किशोरियों की तलाश के लिए बनेगी स्पेशल टीमें; डिजिटल डेटा तैयार
महिला एवं बाल सुरक्षा और डिजिटल डेटा:
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विशेष टीमों का गठन: 18 वर्ष से कम उम्र की लापता किशोरियों और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन करने को कहा गया है, ताकि पीड़िताओं को जल्द से जल्द तलाशा जा सके।
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डिजिटल डोजियर: अपराधियों, घोषित भगोड़ों (Proclaimed Offenders), बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड क्रिमिनल्स का अपडेटेड डिजिटल डेटाबेस जल्द से जल्द तैयार किया जाएगा। आरजेएसएफ (RJSF) यूनिट को सत्यापन और डिजिटलीकरण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
🌙 रात के नाकों की खुद निगरानी करेंगे बड़े अधिकारी; बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर शिकंजा
सड़क सुरक्षा और तकनीकी निगरानी:
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अधिकारियों की फील्ड मानिटरिंग: पुलिस आयुक्त (Commissioner) और महानिरीक्षक (IG) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी अब रात्रि के समय लगने वाले नाकों और चेकिंग अभियानों की स्वयं निगरानी करेंगे।
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वाहन चेकिंग: सड़कों पर बिना नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के चलने वाले संदिग्घ वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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रंगदारी कॉल्स पर एक्शन: व्यापारियों या अन्य नागरिकों को मिलने वाली रंगदारी (Extortion) की कॉल्स पर अभेद्य ऐप से मिलने वाले डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा और निर्धारित एसओपी (SOP) के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।