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नूंह: 9 दिन से लापता हसीना का शव कुएं में मिला, पत्थर से बांधकर फेंकी गई लाश

नूंह के बझेड़ा गांव में पत्थर से बंधा मिला हसीना का शव। भाई ने लिव-इन पार्टनर रफीक पर लगाया हत्या का आरोप। 19 अप्रैल से लापता थी 26 वर्षीय महिला। जानें पूरी खबर।

 

नूंह: बझेड़ा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब 26 वर्षीय हसीना का शव एक कुएं से बरामद हुआ. शव पत्थर से बंधा मिला. हसीना 19 अप्रैल से लापता थी और परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था. करीब 9 दिन बाद 28 अप्रैल को उसका शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. परिजनों का कहना है कि उन्होंने खुद तलाश करते हुए शव को ढूंढ निकाला. जिस कुएं से शव मिला, वह रफीक के घर से करीब 3 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि हत्या के बाद शव को पत्थर से बांधकर कूएं में फेंका गया है, ताकि ऊपर ना आ सके.

भाई का आरोप- रफीक ने गोली मारकर की हत्या: हसीना के भाई शकील ने सीधे तौर पर रफीक पर हत्या का आरोप लगाया है. शकील का कहना है कि उनकी बहन पिछले 6 साल से बिना शादी किए रफीक के साथ रह रही थी. आरोप है कि बहन के लापता होने के बाद जब उन्होंने रफीक से बात की, तो उसने उल्टा धमकी दी. शकील के मुताबिक, रफीक ने कहा, 'लाश ढूंढकर दिखाओ, मैं बड़ा बदमाश हूं' और जान से मारने की धमकी भी दी. परिवार का दावा है कि रफीक ने ही हसीना को गोली मारकर हत्या की और शव को कुएं में फेंक दिया. इस आरोप के बाद से रफीक फरार है और उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है.

पहले पति से तलाक, फिर लिव-इन में रह रही थी हसीना: हसीना की निजी जिंदगी भी इस मामले में अहम कड़ी बनकर सामने आई है. साल 2011 में उसकी शादी देवला नंगली निवासी उमर मोहम्मद से हुई थी, जिससे उसके एक बेटा और एक बेटी हुए. बाद में बेटे की मौत हो गई, जबकि बेटी फिलहाल अपनी नानी के घर सिंगार गांव में रह रही है. परिवार के मुताबिक, साल 2020 में हसीना रफीक के संपर्क में आई और उसने अपने पहले पति से तलाक ले लिया. इसके बाद वह रफीक के साथ रहने लगी, हालांकि दोनों ने शादी नहीं की थी. इस रिश्ते के चलते परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी. इस दौरान हसीना के तीन और बच्चे हुए बताए जा रहे हैं.

रफीक का आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी सफाई: परिवार ने रफीक पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उसका आपराधिक बैकग्राउंड बताया है. बताया जा रहा है कि रफीक गाड़ियों की लूट और एटीएम काटने जैसे मामलों में शामिल रहा है और इन गतिविधियों में हसीना के भी साथ देने की बात कही जा रही है. वहीं दूसरी तरफ, रफीक ने पहले पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि हसीना की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह 19 अप्रैल को बिना बताए घर से चली गई. उसने खुद तलाश करने की बात कही और 24 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. अब उसकी इस कहानी और परिवार के आरोपों के बीच बड़ा विरोधाभास सामने आ रहा है.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज? जयसिंहपुर चौकी इंचार्ज सूबे सिंह के मुताबिक "पुलिस इस पूरे मामले को लेकर सतर्क है और हर एंगल से जांच कर रही है. हसीना के शव का पोस्टमॉर्टम नूंह के CHC में कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत कैसे हुई. अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन मौखिक आरोपों के आधार पर पुलिस रफीक की तलाश में जुटी है. उसके घर पर भी कोई नहीं मिला है और पुलिस उसका पूरा आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है."