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पानीपत: 25 साल का भरोसा टूटा, करोड़ों का सोना लेकर बंगाली कारीगर फरार

पानीपत के टेक्सटाइल सिटी में बड़ी धोखाधड़ी! ज्वेलर्स का विश्वास जीत करोड़ों का सोना हड़पकर फरार हुआ कारीगर मोहिदुल मलिक। 25 साल की साख का फायदा उठा की बड़ी ठगी।

 

पानीपत :  हरियाणा के 'टेक्सटाइल सिटी' पानीपत से विश्वासघात की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे सर्राफा बाजार को हिलाकर रख दिया है। एक बंगाली कारीगर, जिसने पिछले 25 वर्षों से व्यापारियों के बीच अपनी साख बनाई थी, करोड़ों रुपये का सोना लेकर रातों-रात सपरिवार फरार हो गया। ज्वेलर्स का कहना है कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि ढाई दशक लंबी एक सोची-समझी 'प्लानिंग' का नतीजा है।

विश्वास के 25 साल, गद्दारी की एक रात


आरोपी की पहचान मोहिदुल मलिक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। मोहिदुल पिछले 25 सालों से पानीपत के ज्वेलरी मार्केट में रिपेयरिंग और पॉलिश का काम कर रहा था। इतने लंबे समय तक ईमानदारी से काम करने के कारण शहर के बड़े-बड़े ज्वेलर्स उस पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे। पीड़ित ज्वेलर सचिन वर्मा ने बताया कि मोहिदुल ने पिछले कुछ दिनों से व्यापारियों से रिपेयरिंग और नए जेवर बनाने के बहाने भारी मात्रा में सोना इकट्ठा करना शुरू किया था। किसी को भनक तक नहीं लगी कि जो व्यक्ति दो दशकों से उनके बीच है, वह इतनी बड़ी चपत लगाने की तैयारी कर रहा है।

 
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, मोहिदुल ने अपनी साख का फायदा उठाते हुए दर्जनों ज्वेलर्स से करोड़ों की कीमत के गहने और रॉ-गोल्ड (कच्चा सोना) अपने पास मंगवा लिया था। जैसे ही उसके पास एक बड़ी रकम का सोना जमा हुआ, वह अपने बीवी और बच्चों को साथ लेकर अचानक शहर से गायब हो गया। जब ज्वेलर्स ने उसके ठिकाने पर संपर्क किया और उसका फोन बंद पाया, तब जाकर उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी ठगी हो चुकी है।

ज्वेलर्स की सामूहिक शिकायत के बाद पानीपत पुलिस ने आरोपी मोहिदुल के खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें उसके पैतृक निवास (पश्चिम बंगाल) और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना की जा रही हैं। पुलिस सीसीटीवी कैमरों और सीडीआर (CDR) के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।