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UP Crime: एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर FIR, 1 करोड़ की आय और 18 करोड़ का खर्च!

रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ 17 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज। गद्दों और फ्लश टैंकों से मिले थे करोड़ों रुपये। जानें 9 साल बाद हुई कार्रवाई।

 

उत्तर प्रदेश में सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आखिरकार नौ साल की लंबी जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज कर लिया गया है. कानपुर विजिलेंस टीम ने 8 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ FIR दर्ज की. जांच में पाया गया कि केशव लाल ने अपने पूरे सरकारी करियर में वैध स्रोतों से मात्र 1 करोड़ 34 हजार रुपए की आय अर्जित की, लेकिन उन्होंने करीब 18 करोड़ 27 लाख रुपए खर्च कर डाले. इस तरह उनकी आय से 17 करोड़ 26 लाख रुपए अधिक संपत्ति पाई गई.

19 अप्रैल 2017 को आयकर विभाग की टीम ने केशव लाल के नोएडा सेक्टर-34 और कानपुर के लखनपुर इलाके में किराए के मकान स्थित दोनों घरों पर एक साथ छापा मारा था. उस वक्त केशव लाल कानपुर में तैनात थे. छापे में चौंकाने वाली रकम बरामद हुई. नोएडा के घर से 10 करोड़ रुपए नकद और 3 करोड़ रुपए के जेवरात, कानपुर के किराए के मकान से 4 करोड़ रुपए नकद, नोटों की गड्डियां गद्दों में, बाथरूम के बंद फ्लश टैंकों में, पूजा कक्ष में, अलमारी और बेडरूम के तीन बड़े गत्तों में छिपाई गई थीं. इसके अलावा करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति भी उनके नाम पर पाई गई.

कौन हैं केशव लाल?

केशव लाल मूल रूप से चंदौली जिले के बम्हनियांव गांव के रहने वाले हैं. 2017 में उनकी तैनाती कानपुर में थी. वह लखनपुर इलाके में 10 हजार रुपए मासिक किराए के एक मकान b2 कमरे, 2 बाथरूम, किचन व डाइनिंग स्पेस में अकेले रहते थे. उनका परिवार नोएडा में रहता था. उनकी एक बेटी की शादी दिसंबर 2016 में नोएडा से हुई थी. छापे के महज एक महीने बाद मई 2017 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी और मामला विजिलेंस विभाग को सौंप दिया गया था.

विजिलेंस की 9 साल लंबी जांच

19 सितंबर 2023 से विजिलेंस विभाग ने जांच तेज कर दी. जांच के दौरान चंदौली, कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ में केशव लाल की बहुमूल्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले. लखनऊ में उनके नाम दो, जबकि कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में एक-एक कीमती संपत्ति पाई गई. 6 जनवरी 2026 को विजिलेंस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट के आधार पर मंजूरी मिलने के बाद 8 अप्रैल 2026 को कानपुर में FIR दर्ज कराई गई.

नोएडा में रहते हैं केशव लाल

FIR में कहा गया है कि केशव लाल की वैध आय मात्र 1 करोड़ 34 हजार रुपए थी, जबकि उन्होंने 18 करोड़ 27 लाख रुपए खर्च किए. इस अंतर को लेकर अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है. केशव लाल फिलहाल नोएडा के सेक्टर-34 में रह रहे हैं.

9 साल बाद केशव लाल के खिलाफ FIR

FIR दर्ज होने के बाद अब उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होने वाली है. यह मामला उन गिने-चुने मामलों में शामिल है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी के घर से 17 करोड़ से ज्यादा की नकदी और जेवरात बरामद होने के 9 साल बाद भी FIR दर्ज हुई है.