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भारत-नेपाल सीमा विवाद: विदेश मंत्री शिशिर खनाल का दिल्ली दौरा; सुलझेगा मसला?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल सीमा विवाद पर प्रस्ताव लेकर आएंगे दिल्ली। एस जयशंकर से होगी मुलाकात। भारत ने तीसरे पक्ष की एंट्री पर लगाया वीटो। जानें पूरी रणनीति।

 

भारत के तल्ख तेवर के बाद नेपाल ने आपसी सहमति से सीमा विवाद को सुलझाने की कवायद शुरू कर दी है. सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष रवि लमिछाने के नई दिल्ली दौरा समाप्त होने के तुरंत बाद नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारत आएंगे. खनाल यहां पर अपने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे. इससे पहले प्रतिनिधिमंडल में रवि लमिछाने के साथ आए सांसद दीपक बोहरा ने कहा कि भारत ने सीमा विवाद को लेकर प्रस्ताव लाने के लिए कहा है. हम साथ बैठकर बातचीत करेंगे.

बीबीसी नेपाली से बात करते हुए बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रवि लमिछाने के बीच अच्छी बातचीत हुई है. भारत ने सकारात्मक प्रयास करने की बात कही है.

भारत से सीमा विवाद को ऐसे सुलझाएगा नेपाल

1. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह पूरी तरह से साइलेंट हैं. 31 मई के बाद बालेन नेपाल की संसद में भी नहीं पहुंचे हैं. बालेन के संसद में नहीं पहुंचने की वजह से 3 दिनों से संसद की कार्यवाही ठप पड़ गई है. इतना ही नहीं, सरकार के प्रवक्ता और विदेश मंत्रालय दोनों ने बालेन के कब्जे वाले बयान का खंडन कर दिया.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जिस तरीके से बालेन के बयान को लिया गया है, वो सही नहीं है. नेपाल विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल ने भारत की जमीन पर कब्जा नहीं किया है, जबकि प्रधानमंत्री बालेन ने कहा था कि नेपाल ने भी कुछ इलाकों में भारत की जमीन पर कब्जा किया है.

2. बालेन शाह के बयान पर जब नेपाल में हंगामा मचा था, तब सीमा विवाद को सुलझाने के लिए उनकी पार्टी के अध्यक्ष रवि लमिछाने दिल्ली आ गए. दिल्ली में लमिछाने ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. आमतौर पर अमित शाह विदेशी नेताओं से मुलाकात नहीं करते हैं.

बीबीसी नेपाली से बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और नेपाल के सांसद दीपक बोहरा ने कहा- भारत ने मसला सुलझाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए कहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर पड़ोसी पहले के तहत काम करने की प्रतिबद्धता जताई है.

3. नेपाली अखबार ई-कांतिपुर के मुताबिक शनिवार (6 जून) को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल नई दिल्ली जाएंगे. खनाल यहां पर 3 दिनों तक अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे. कहा जा रहा है कि खनाल प्रस्ताव लेकर ही काठमांडू से नई दिल्ली आ सकते हैं.

दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री अगले एक साल तक किसी भी देश के दौरे पर नहीं जा सकते हैं. यह गाइडलाइन उनकी सत्ताधारी पार्टी ने तय की है.

भारत ने तीसरे देश की एंट्री पर वीटो लगाया

31 मई को नेपाल की संसद में एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि हमने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए ब्रिटेन और चीन से संपर्क किया है. हालांकि, ब्रिटेन ने इसे द्विपक्षीय मामला बताते हुए खुद को तुरंत अलग कर लिया.

बालेन के इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेपाल से सीमा का 98 प्रतिशत मसला सुलझ चुका है. गंडक के रास्ता बदलने से कुछ जगहों पर विवाद है. इसे दोनों पक्ष आपस में सुलझा सकते हैं.

रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद सुलझाने में किसी तीसरे पक्ष की एंट्री नहीं होगी.