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ईरान में तख्तापलट जैसा मंजर: IRGC चीफ अहमद वाहिदी बने असली शासक!

न्यूयॉर्क पोस्ट का बड़ा दावा: ईरान में मुज्तबा खामेनेई के अंडरग्राउंड होते ही IRGC ने संभाली सत्ता। चीफ कमांडर अहमद वाहिदी ले रहे हैं तेहरान के सभी बड़े फैसले।

 

सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के अंडरग्राउंड रहने के कारण ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान की सत्ता को पूरी तरह से कंट्रोल में ले लिया है. तेहरान के 3 बड़े फैसले इसकी पुष्टि भी हुई है. इसी बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट ने जानकारों के हवाले से दावा किया है कि आईआरजीसी के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी इस वक्त ईरान के असली शासक हैं.

पोस्ट के मुताबिक सभी बड़े फैसले वाहिदी के कहने पर ही लिए जा रहे हैं. जंग से पहले वाहिदी आईआरजीसी में नंबर-2 पद पर तैनात थे. मोहम्मद पाकपूर की हत्या के बाद उन्हें आईआरजीसी की कमान मिली थी.

वाहिदी के पास कंट्रोल कैसे, 3 सबूत

1. ISW ने पाकिस्तान में हुए पहले दौर की बैठक को लेकर एक रिपोर्ट की है. इसमें कहा गया है कि वाहिदी के कहने पर आखिरी वक्त में वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सूची में बदलाव किया गया था. प्रतिनिधिमंडल में बाघेर कानी को शामिल किया गया था, जो ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी हैं. प्रतिनिधिमंडल में अब्बास अराघची के अलावा एक भी उदार वादी नहीं थे.

2. 17 अप्रैल को अराघची ने पाकिस्तान और अमेरिका के वार्ता दलों से मुलाकात के बाद सार्वजनिक तौर पर होर्मुज को खोलने का ऐलान किया था, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया. इतना ही नहीं IRGC से संबंधित तस्नीम न्यूज ने अराघची को भला-बुरा सुना दिया. इसके बाद होर्मुज खोलने का फैसला अधर में लटक गया.

3. इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक ईरान की तरफ से डेलिगेशन का नाम फाइनल नहीं हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने एक जहाज पर हमले का बदला लेने की घोषणा की है. आईआरजीसी का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा है. हम उसे सबक सिखा कर मानेंगे.

सवाल- कौन हैं अहमद वाहिदी?

अहमद वाहिदी वर्तमान में ईरान की सबसे शक्तिशाली आईआरजीसी के प्रमुख हैं. उनका असली नाम वहीद शाहचेराघी (Vahid Shahcheraghi) है. वाहिदी का जन्म साल 1958 में हुआ था. ईरान में शाह पहेलवी के खिलाफ हुए आंदोलन में वाहिदी भी शामिल थे. 1979 में जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्थापना हुई तो वाहिदी इसमें शामिल हो गए.

वाहिदी को ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी का करीबी माना जाता था. टॉप कमांडरों की हत्या की वजह से वाहिदी को आईरजीसी चीफ की कुर्सी मिली है.

न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक वाहिदी ने ईरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र के साथ गठबंधन कर लिया है, जिससे वहां की चुनी हुई सरकार और उदारवादी नेता पूरी तरह साइडलाइन हो गए हैं. अब ईरान को लेकर किसी भी बड़े फैसले में चुनी हुई सरकार की नहीं सुनी जा रही है.