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Iran US Conflict China Diplomacy: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए चीन की कोशिशें तेज, बीजिंग पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए चीन की कूटनीति सक्रिय। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने की चीनी समकक्ष से मुलाकात।
 

मध्य पूर्व क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है, दोनों के बीच शांति समझौते के प्रयास भी किए जा रहे हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन भी शांति के प्रयासों में जुट गया है. कुछ समय पहले दोनों के बीच शांति समझौता हुआ था, लेकिन बाद में यह टूट गया. अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची चीन के दौरे पर हैं और वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगे. चीन ने दोनों से शांति समझौता बहाल करने का आह्वान किया है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत के लिए बीजिंग में हैं. अरागची की वांग यी के साथ आज बुधवार को बैठक होने वाली है. अरागची ने इससे पहले मई में भी चीन का दौरा किया था, उनका यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे से ठीक पहले हुआ था.

ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात से पहले दौरा

इस बार भी उनका दौरा ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली एक फिक्स मीटिंग से ठीक पहले हो रहा है. पिछली बार बैठक बीजिंग में हुई थी और इस बार यह बैठक सितंबर के आखिर में वाशिंगटन में होने वाली है. माना जा रहा है कि मई और अब सितंबर में होने वाली ये बैठक उस भूमिका को दिखाती हैं जो चीन ने जंग के दौरान निभाई.

चीन ने खुद को एक निष्पक्ष पक्ष के तौर पर पेश किया है जो इस संघर्ष को खत्म करना चाहता है. अरागची बुधवार को बीजिंग से लौटेंगे. अमेरिका के साथ जंग शुरू होने के बाद अरागची की यह दूसरी चीन यात्रा है.

हम नहीं चाहते क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेः चीन

इस बीच चीन ने वॉशिंगटन और तेहरान, दोनों से संघर्ष से बचने का अनुरोध किया है. वांग के हवाले से जारी एक बयान में कहा गया, “हम नहीं चाहते कि क्षेत्रीय तनाव और बढ़े. इस संघर्ष में यमन और लाल सागर भी शामिल हो जाएं.”

शांति समझौते के बहाल करने की बात करते हुए वांग यी ने कहा, “हम वॉशिंगटन और तेहरान से अनुरोध करते हैं कि वे लंबित मुद्दों पर सार्थक बातचीत करें. हम वॉशिंगटन और तेहरान से यह भी कहते हैं कि वे इस्लामाबाद (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बाद बनी सहमति के आधार पर बातचीत का ढांचा फिर से तैयार करें.”

टकराव किसी भी पक्ष के हित में नहींः वांग

चीनी विदेश मंत्री वांग ने कहा कि दोनों देशों को “समझदारी और संयम से काम लेना चाहिए”. साथ ही उन्होंने आगाह भी किया कि “वॉशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार टकराव किसी भी पक्ष के हित में नहीं है”.

अरागची और वांग की मुलाकात पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी. चीन ईरान के सबसे बड़े आर्थिक साझेदारों में से एक है और ईरान के तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा खरीदता है.

पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ‘ग्लोबल साउथ’ की ताकतों वाले ब्रिक्स (BRICS) समूह से मिडिल ईस्ट के टकराव में शांतिदूत की भूमिका निभाने का अनुरोध किया और कहा कि चीन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनके साथ काम करने को तैयार है.