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Benjamin Netanyahu & US Pressure: क्या अमेरिका के दबाव में रुका इजराइल का ईरान पर हमला? जानिए इनसाइड स्टोरी

इजराइल में चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ जंग को लेकर घमासान। पीएम नेतन्याहू ने अमेरिकी दबाव में सीमा पर भेजे फाइटर जेट्स को वापस बुलाया।

 

इजराइल में चुनाव से पहले एक नए राजनीतिक और सैन्य संघर्ष की शुरुआत हो गई है। देश के भीतर यह बहस तेज हो गई है कि चुनाव को प्राथमिकता दी जाए या ईरान के खिलाफ जंग को? प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी कैबिनेट ईरान के साथ आर-पार की लड़ाई के पक्ष में नजर आ रहे हैं, जबकि इजराइल रक्षा बल (IDF) के भीतर इसे लेकर मतभेद उभरने लगे हैं। इसी बीच पीएम नेतन्याहू का एक बड़ा एक्शन सामने आया, जब उन्होंने ईरान की सीमा तक पहुंच चुके दर्जनों इजराइली फाइटर जेट्स को आखिरी मिनट में वापस लौटने का आदेश दे दिया।

🇺🇸 अमेरिकी दबाव और परमाणु खतरे का साया: सऊदी अरब से अमेरिकी कर्मचारियों की वापसी, ईरान पर फिर गरमाई राजनीति

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी दबाव के चलते की। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हूतियों से जुड़ी चिंताओं के चलते अमेरिका ने सऊदी अरब से अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को वापस लौटने के निर्देश दिए हैं। महीने की शुरुआत में नेतन्याहू ने दावा किया था कि ईरान एक बार फिर अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, जिसे रोकने के लिए ईरानी सत्ता को उखाड़ फेंकना जरूरी है। आने वाले कुछ दिन इजराइल और पश्चिम एशिया के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम बताए जा रहे हैं।