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नेतन्याहू ने भारत को बताया 'विशाल शक्ति', बोले- इजराइल को यहाँ मिलता है जबरदस्त समर्थन

इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के साथ रिश्तों को बताया 'लव फेस्ट'। अमेरिका में घटती लोकप्रियता के बीच भारत को बताया इजराइल का सबसे बड़ा समर्थक। जानें पूरी खबर।

 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत के साथ अपने रिश्ते को बेहतर बताने का मौका नहीं छोड़ते हैं. इसलिए उनकी ओर से दिल्ली और तेल अवीव के बीच के मजबूत समर्थन का दावा करते हुए देखा जाता है. इसी कोशिश को एक बार फिर से पूरा करते हुए वेस्ट बैंक में एक कॉन्फ्रेंस में भारत की तारीफ करते हुए नजर आए. नेतन्याहू ने भारत नाम को विशाल शक्ति बताते हुए इजराइल के साथ उसके अनोखे रिश्ते के बारे में बताया.

नेतन्याहू ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमें अपनी वैधता को लेकर दिक्कतें आती हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त समर्थन है, सचमुच बहुत जबरदस्त. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत से हमारे फॉलोअर्स (समर्थक) कहीं और के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं.

पहले भी दिल खोलकर तारीफ कर चुके हैं नेतन्याहू

यह पहली बार नहीं है जब नेतन्याहू ने भारत में अपनी लोकप्रियता के बारे में बढ़-चढ़कर बात की है. उन्होंने 2018 में अपनी पत्नी सारा के साथ नई दिल्ली की अपनी पिछली यात्रा को एक ‘प्रेम उत्सव’ (love fest) बताया था. उन्होंने कहा था कि भारतीयों के मन में इजराइल के लिए बहुत सम्मान है.

एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ जगहें ऐसी हैं जहां इजराइल का अब भी सम्मान किया जाता है. भारत की आबादी 1.4 अरब है, और वहां इजराइल बहुत लोकप्रिय है. यहां पीएम मोदी का बड़े स्नेह के साथ स्वागत किया गया था. जब मैं अपनी पत्नी के साथ भारत गया था, तो वो एक प्रेम उत्सव जैसा था.

अमेरिका में लोकप्रियता में कमी की वजह?

इजराइल के पीएम का बयान इस समय आया है जब अमेरिकी लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता में कमी देखी गई है. अप्रैल में जारी प्यू रिसर्च सेंटर के हालिया सर्वे के मुताबिक, 60% अमेरिकी वयस्क इजराइल के बारे में नकारात्मक राय रखते हैं. पिछले साल ये आंकड़ा 53% था.

आधे से ज्यादा अमेरिकी वयस्कों (59%) को नेतन्याहू पर दुनिया के मामलों में सही काम करने का बहुत कम या बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. पिछले साल ये आंकड़ा 52% था. नेतन्याहू ने अपनी लोकप्रियता में आई गिरावट के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है. उसी इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके अमेरिकी जनता की राय में इजराइल-विरोधी भावना को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका-इजराइल गठबंधन को कमजोर करना चाहते हैं, वे सोशल मीडिया में हेरफेर कर रहे हैं.