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Air Force Prayer for Rain: श्रीलंका में सूखे के संकट से निपटने के लिए अनोखी पहल, विमान से छिड़काव और विशेष पूजा

श्रीलंका में भीषण सूखा और पीने के पानी का संकट। बारिश के लिए वायुसेना के विमान से बौद्ध भिक्षुओं ने की प्रार्थना।
 

श्रीलंका में इन दिनों सूखे की हालत बिगड़ती नजर आ रही है, जिसके चलते अब श्रीलंका ने बारिश के लिए धार्मिक प्रार्थना का सहारा लिया है. देश की वायुसेना ने तीन बौद्ध भिक्षुओं को विमान से सूखा प्रभावित इलाकों के ऊपर उड़ाया, जहां उन्होंने बारिश के लिए प्रार्थना की और पवित्र जल का छिड़काव किया.

स्थिति की बात करें, तो इस समय कुएं, नदियां और सिंचाई के छोटे जलाशय सूख रहे हैं और कई इलाकों में लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है. श्रीलंका के उत्तर, पूर्व और दक्षिणी हिस्से सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. रायटर्स के मुताबिक, कुछ कृषि क्षेत्रों में सामान्य से 85 से 100 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है.

बौद्ध भिक्षुओं ने की प्रार्थना

हालात ऐसे हैं कि कई कुएं, नदियां और छोटे सिंचाई टैंक सूख चुके हैं. कुछ जलाशयों में पानी सामान्य स्तर का केवल करीब 10 प्रतिशत रह गया है. इसका सीधा असर किसानों और ग्रामीण आबादी पर पड़ा है. इसी संकट के बीच श्रीलंकाई वायुसेना ने तीन भगवा वस्त्र पहने बौद्ध भिक्षुओं को Y-12 विमान में सूखा प्रभावित इलाकों के ऊपर ले जाया गया और उन्होंने प्रार्थना की.

पीने की पानी की भी है कमी

वायु सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी. पोस्ट में लिखा, “देश सूखे मौसम की कठिनाइयों का सामना कर रहा है, ऐसे में यह विमान करुणा के प्रतीक के रूप में आसमान में उड़ान भरता है.” श्रीलंका की स्थिति की बात करें, तो लोगों के पास पीने के पानी की भी कमी है. पीने के पानी की जरूरत पूरी करने के लिए सरकार को टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दूरदराज के इलाकों में लोगों को पानी के टैंकर का इंतजार 23 दिनों तक करना पड़ा.

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

पानी की कमी से फसलों को नुकसान हो रहा है और पशुओं के लिए भी परेशानी बढ़ गई है. श्रीलंका की समस्या सिर्फ पानी की कमी तक सीमित नहीं है. मौसम विभाग ने आने वाले समय में भारी बारिश की भी चेतावनी दी है. अनुमान है कि सितंबर के अंत से दिसंबर तक कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. हालांकि, इसके बाद फिर सूखे की स्थिति बनने की चेतावनी दी जा रही है. मौजूदा सूखे की एक बड़ी वजह El Niño को बताया जा रहा है.

El Niño है वजह

यह एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना है, जो दुनिया के कई हिस्सों में हवा और बारिश के पैटर्न को प्रभावित करती है. श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, इस बार El Niño काफी गंभीर है. सूखे का असर सिर्फ खेती और पीने के पानी पर नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन पर भी पड़ रहा है. श्रीलंका के कई जलाशय, जिनसे हाइड्रोपावर यानी पानी से बिजली बनाई जाती है, करीब आधी क्षमता पर बताए जा रहे हैं. देश के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ रिजर्व याला नेशनल पार्क के छह हिस्सों में से दो को भी सूखे की वजह से पर्यटकों के लिए बंद किया गया है.