{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Donald Trump Offer to Xi Jinping: डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा क्या वे खरीदना चाहते हैं अमेरिकी हथियार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा था कि क्या चीन अमेरिका से हथियार खरीदना चाहता है।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा था कि क्या चीन अमेरिका से हथियार खरीदना चाहता है. यह जानकारी चीन में अमेरिका के राजदूत डेविड पर्ड्यू ने दी. हालांकि, पर्ड्यू ने यह नहीं बताया कि ट्रंप ने शी से यह सवाल कब पूछा था. पर्ड्यू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ताइवान को हथियारों की बिक्री की तैयारी कर रहा है. चीन लंबे समय से इसका विरोध करता रहा है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की बात भी करता रहा है.

पर्ड्यू ने बताया कि ट्रंप ने जिनपिंग को ताइवान को अमेरिकी हथियार बेचने के फैसले को समझाते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया के कई देशों को हथियार बेचता है. इसी दौरान ट्रंप ने जिनपिंग से पूछा कि क्या वह भी अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे. अगर चीन सच में अमेरिकी हथियार खरीदता है, तो यह अमेरिका की कई दशकों पुरानी चीन-ताइवान नीति में बड़ा बदलाव होगा. इससे अमेरिकी सैन्य तकनीक चीन तक पहुंचने की चिंता भी पैदा हो सकती है.

अमेरिकी सांसदों ने उठाए सवाल

इधर, अमेरिकी सांसदों ने ताइवान के लिए हथियारों की डिलीवरी और हथियारों के ऑर्डर में देरी पर सवाल उठाए हैं. इनका कहना है कि क्या अमेरिका चीन के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए ताइवान को हथियार देने में देरी कर रहा है. पर्ड्यू ने इस बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ताइवान के मामले में बेहद मजबूत रुख रखते हैं और अमेरिका ताइवान को काफी हथियार बेच चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप और शी भविष्य में ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री पर बातचीत करते रहेंगे.

अमेरिकी कानून के तहत अमेरिका को ताइवान को अपनी रक्षा के साधन उपलब्ध कराने होते हैं. अमेरिका ताइवान को अलग देश के रूप में मान्यता नहीं देता, लेकिन वह उसका सबसे बड़ा अनौपचारिक समर्थक और हथियार सप्लायर है. हालांकि, यह अभी भी साफ नहीं है कि चीन के हमले की स्थिति में अमेरिका सीधे सैन्य मदद करेगा या नहीं.

अमेरिका ने ताइवान को हथियार की बिक्री रोकी थी

चीन मई में ट्रंप-जिनपिंग की बैठक के दौरान भी अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने की मांग कर चुका है. उस बैठक के बाद अमेरिका ने 14 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हथियार पैकेज की बिक्री रोक दी थी. ट्रंप ने इसे चीन के साथ बातचीत में बहुत अच्छी डील का जरिया बताया था. पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात में भी ताइवान का मुद्दा उठा. चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग ने ट्रंप से ताइवान की आजादी का विरोध करने को कहा था.