{"vars":{"id": "123258:4912"}}

अमेरिका-ईरान संघर्ष गहराया: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर लगातार हमले जारी

होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अमेरिकी सेना के ईरान पर लगातार हमले जारी। तेल की कीमतें बढ़ीं, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव। जानें पूरी खबर।

 

अमेरिकी सेना ने देर रात कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की कोशिश में ईरान पर लगातार 10वीं रात हमले कर रही है. ये नए हमले एक और अमेरिकी सैनिक की मौत और ईरान द्वारा अमेरिका के सहयोगी देशों कुवैत, जॉर्डन और बहरीन (जहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है) पर हमले करने के बाद हुए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये ताज़ा हमले उस ईरानी सैन्य क्षमता को और कम करने के लिए किए जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले के लिए किया जाता है.

हालांकि अमेरिका और ईरान फिर से पूर्ण युद्ध के करीब पहुंच रहे हैं, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर उम्मीद की किरण भी दिखी है, क्योंकि ईरान के गृह मंत्री बातचीत के लिए पाकिस्तान गए हैं, जो इस संघर्ष में एक अहम मध्यस्थ है.

होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही

पिछले महीने लड़ाई खत्म करने के लिए किया गया अंतरिम समझौता टूट गया है. होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रुक गई है. और जैसे-जैसे लड़ाई तेज हो रही है, दोनों पक्षों ने आम नागरिकों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिस पर लाखों लोग निर्भर हैं.

सोमवार को वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक नया संभावित खतरा तब सामने आया जब यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों ने कहा कि वे सऊदी अरब को लाल सागर (Red Sea) में जहाज भेजने से रोकने की योजना बना रहे हैं. यह युद्ध के दौरान तेल निर्यात का एक वैकल्पिक रास्ता है.

तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ीं

हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. सोमवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $88 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था और अमेरिका में आम गैसोलीन की कीमत औसतन $4 प्रति गैलन तक पहुंच गई, जिससे इस शरद ऋतु में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकियों की जेब पर दबाव बना हुआ है.

अमेरिकी सेना ने जॉर्डन में हुए हमलों में मारे गए दो सैनिकों की पहचान की है. इन हमलों में एक तीसरा व्यक्ति लापता हो गया. इसके अलावा, सेना ने शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को गिराने के बाद उसे कंट्रोल के साथ नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान एक और सैनिक की मौत की पुष्टि की.

ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करेगा, तो उसे उस हत्या की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ट्रंप मंगलवार (आज) शाम डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर एक समारोह में शामिल होने वाले थे, जहां कम से कम एक सैनिक का शव पहुंचने वाला था.

अमेरिका ने ईरान पर किए हमले

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि लगातार नौवीं रात हवाई हमलों में ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर, एयर डिफेंस और तटीय निगरानी साइट्स, समुद्री क्षमताएं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और कम्युनिकेशन नेटवर्क को निशाना बनाया गया. पिछले हफ़्ते, अमेरिका ने ईरान के एक बंदरगाह पर पुलों और एक टावर पर हमला किया था.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि अमेरिकी हमलों में राजधानी तेहरान से लगभग 520 किलोमीटर (325 मील) दूर उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज के पास कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. माना जाता है कि तबरीज में ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ द्वारा संचालित भूमिगत मिसाइल बेस मौजूद हैं.

संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हमला

IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों में खुजेस्तान प्रांत में बंदर इमाम खोमेनी, होर्मोजगन प्रांत में सिरिक और जास्क, और सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में कोनारक और चाबहार को भी निशाना बनाए जाने की संभावना है. ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ सेंटर ने सोमवार शाम बताया कि एक दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट में एक दूसरे जहाज पर हमला हुआ था. यह हमला संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुआ.

ओमान के तट के पास एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसा हथियार) लगने से होर्मुज स्ट्रेट में दूसरे जहाज में आग लग गई. UKMTO ने बताया कि क्रू ने जहाज छोड़ दिया. जहाज़ बहता रहा और घंटों बाद भी उसमें आग लगी हुई थी.

होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों को बनाया निशाना

ओमान के आस-पास का रास्ता वह रूट है, जिसका इस्तेमाल करने के लिए अमेरिकी सेना जहाजों को बढ़ावा देती रही है, ताकि ईरान के नियंत्रण से बचा जा सके. बाद में गार्ड ने दावा किया कि वह होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों को निशाना बना रहा था. तेहरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी हमले किए.

कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने आ रहे हमलों का जवाब दिया, और जॉर्डन की सेना ने सोमवार शाम कहा कि उसने ईरान की तीन मिसाइलों को मार गिराया है. साथ ही यह भी कहा कि कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ. ईरान की ओर से तुरंत कोई बयान नहीं आया. बहरीन के विदेश मंत्रालय ने देश के एयर ट्रैफिक सिस्टम को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन हमलों की निंदा की और कहा कि इनसे आम नागरिकों की यात्रा को खतरा है.

होर्मुज स्ट्रेट इस संघर्ष में अहम

दुनिया के ऊर्जा बाजारों के लिए एक नया दबाव वाला बिंदु (प्रेशर पॉइंट) उभर सकता है क्योंकि यमन के हूथी विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की. ईरान समर्थित हूतियों ने कहा कि वे लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच शिपिंग को रोक देंगे. यह कदम पिछले हफ्ते सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के जवाब में उठाया गया है, जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया था.

लाल सागर तक जाने वाली पाइपलाइन पर निर्भर

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण, सऊदी अरब लाखों बैरल तेल बाजार तक पहुंचाने के लिए लाल सागर तक जाने वाली पाइपलाइन पर निर्भर रहा है. हूतियों ने पहले भी वहां शिपिंग में बाधा डालने की अपनी क्षमता दिखाई है. गाजा में इजराइल-हमास युद्ध के दौरान उन्होंने महीनों तक जहाजों को निशाना बनाया था और 100 से ज़्यादा जहाजों पर हमले किए थे. सऊदी अरब की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.

पावर स्टेशनों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी

ट्रंप ने ईरान के पावर स्टेशनों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है, ताकि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ ढीली करने के लिए मजबूर किया जा सके. युद्ध से पहले दुनिया की एक-पांचवीं तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती थी. हाल के हमलों से संकेत मिलता है कि अमेरिकी सेना उस योजना पर अमल कर रही है.

पिछले हफ़्ते अमेरिका ने ईरान के कच्चे तेल के शिपमेंट को रोकने के लिए ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी. सेना का कहना है कि तब से उसने सात जहाजों का रास्ता बदल दिया है और एक जहाज को बेकार कर दिया है.