US vs Iran: CIA रिपोर्ट का खुलासा—नाकेबंदी के बाद भी महीनों टिक सकता है ईरान
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान के बीच झड़पें तेज। CIA रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद ईरान महीनों तक टिकने में सक्षम। जानें तेल की कीमतों पर असर।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. होर्मुज स्ट्रेट में दोनों देशों के बीच फिर झड़पें हुई हैं. इसी बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकेबंदी भी कर दे, तब भी ईरान कई महीनों तक टिक सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को अमेरिकी नाकेबंदी से तुरंत बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होगा. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान करीब चार महीने तक गंभीर आर्थिक दबाव झेलने से बच सकता है. इसका मतलब है कि अमेरिका के पास ईरान पर दबाव बनाने के सीमित तरीके बचे हैं. यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहे हैं.
रिपोर्ट पर सवाल भी उठे
हालांकि अमेरिका के एक सीनियर खुफिया अधिकारी ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि नाकेबंदी का असर ईरान पर लगातार बढ़ रहा है. इससे ईरान का व्यापार प्रभावित हो रहा है, कमाई घट रही है और उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है.
इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव बढ़ गया. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना और अमेरिकी जहाजों के बीच कई बार छोटी झड़पें हुईं. बाद में ईरान की तस्नीम एजेंसी ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि अभी हालात शांत हैं, लेकिन आगे फिर संघर्ष हो सकता है.
अमेरिका ने 2 ईरानी जहाजों को निशाना बनाया
अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरान से जुड़े दो जहाजों को निशाना बनाया. ये जहाज एक ईरानी बंदरगाह में जाने की कोशिश कर रहे थे. अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाजों की चिमनियों पर हमला किया, जिसके बाद दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा. अमेरिका ने होर्मुज में ईरानी जहाजों पर हनाकेबंदी लगाई है.
तनाव का असर तेल बाजार पर भी दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई. हालांकि पूरे हफ्ते में कीमतों में 6% से ज्यादा गिरावट भी दर्ज हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि झड़पों के बावजूद सीजफायर अभी भी जारी है.