Mother of All Bombs MOAB: जानिए क्या है दुनिया का सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बम MOAB, जिससे ईरान में मच सकता है हड़कंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकानों पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB) यानी GBU-43/B बम के इस्तेमाल की योजना तैयार की है।
अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले और अपनी लोकप्रियता में आई गिरावट के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य एशिया में एक बार फिर बड़ा भूचाल लाने की फिराक में जुट गए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और गुप्त परमाणु ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट बम, जिसे लोकप्रिय रूप से 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB) कहा जाता है, के इस्तेमाल की सैन्य योजना तैयार कर ली है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप चुनावों से पहले या बाद में कभी भी इस सैन्य अभियान को हरी झंडी दिखा सकते हैं। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इस अलोकप्रिय युद्ध से रिपब्लिकन पार्टी को मतदाताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।
🚀 क्या है सर्वशक्तिमान बम MOAB और इसकी खासियत? जानिए क्यों कहा जाता है इसे सभी बमों की जननी
MOAB (मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट) अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली पारंपरिक यानी गैर-परमाणु बम है। इसकी विनाशकारी क्षमता के कारण इसे 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' कहा जाता है।
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वजन और आकार: इस विशाल बम का कुल वजन करीब 9,800 किलोग्राम (21,600 पाउंड) और लंबाई लगभग 30 फीट (9 मीटर) है।
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विस्फोटक क्षमता: इसमें लगभग 8,500 किलोग्राम H-6 विस्फोटक भरा होता है, जो 11 टन टीएनटी के बराबर जोरदार धमाका पैदा करता है। यह एक जीपीएस गाइडेड 'स्मार्ट' बम है जो सटीक निशाना साध सकता है।
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उद्देश्य: इसे बंकरों, सुरंगों, गुफाओं और सैनिकों के बड़े जमावड़े को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
🌍 आईएसआईएस (ISIS) से क्या है इस खतरनाक बम का कनेक्शन?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2017 में अफगानिस्तान में कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस के भूमिगत सुरंग नेटवर्क के खिलाफ इसी MOAB बम के इस्तेमाल की पहली बार मंजूरी दी थी। उस हमले में 36 आतंकवादी मारे गए थे और तीन सुरंगें पूरी तरह तबाह हो गई थीं। हालांकि, तब भी इस भारी-भरकम हथियार के इस्तेमाल पर दुनिया भर में बड़े सवाल उठे थे। अब यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ इस शक्तिशाली गैर-परमाणु बम का दोबारा इस्तेमाल करता है, तो मध्य एशिया के राजनीतिक समीकरणों में भारी उथल-पुथल होना तय माना जा रहा है।