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ईरान की समुद्री नाकेबंदी सख्त: अमेरिका ने 31 जहाजों को रोका, तेल संकट गहराया

U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी तेज की। 17 युद्धपोत और 10,000 सैनिक तैनात। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल व्यापार ठप होने की कगार पर।

 

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी समुद्री नाकेबंदी और कड़ी कर दी है. U.S. सेंट्रल कमांड के मुताबिक, नेवी ने अब तक 31 जहाजों को रास्ते से वापस लौटने या बंदरगाह पर जाने के लिए मजबूर किया गया है. अमेरिका की यह नाकेबंदी 13 अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसका मकसद ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार को रोकना है. CENTCOM ने साफ कहा है कि किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों में जाने या वहां से निकलने की इजाजत नहीं है.

CENTCOM के मुताबिक, यह नियम सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य इलाकों में भी लागू किया जा रहा है. जिन जहाजों को रोका गया है, उनमें ज्यादातर तेल टैंकर हैं और अधिकतर ने अमेरिकी आदेश मान लिया है. इस ऑपरेशन को लागू करने के लिए अमेरिका ने बड़ी सैन्य ताकत लगाई है. इसमें 10,000 से ज्यादा सैनिक, 100 से ज्यादा फाइटर और निगरानी विमान और 17 से ज्यादा युद्धपोत शामिल हैं. इन में एयरक्राफ्ट कैरियर, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर, जहाज, ड्रोन, रिफ्यूलिंग विमान और निगरानी विमान शामिल हैं.

कब होर्मुज में आवाजाही ठीक होगी?

इस नाकेबंदी का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है. यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. यहां जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है और हालात सामान्य होने की उम्मीद फिलहाल बहुत कम है. बाजार के आंकड़े भी यही संकेत दे रहे हैं. 30 जून तक होर्मुज में ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना लगभग शून्य मानी जा रही है. इस पर आधारित ट्रेडिंग में गिरावट आई है और निवेशक मान रहे हैं कि आने वाले समय में भी तनाव बना रहेगा.

अमेरिका नाकाबंदी कब खत्म होगी?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नाकेबंदी सिर्फ सैन्य कदम नहीं, बल्कि ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति है. भले ही सीजफायर की अवधि बढ़ाई गई हो, लेकिन बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. इसलिए अमेरिका अपनी सख्ती जारी रख सकता है. ट्रंप भी सीजफायर बढ़ाने के दौरान कह चुके हैं कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी.

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होगा या नहीं. क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बदलाव और नाकेबंदी से जुड़े नए फैसले भी हालात को प्रभावित करेंगे. यह साफ हो चुका है कि होर्मुज में स्थिति जल्द सामान्य होने वाली नहीं है और तनाव बना रह सकता है.