मिडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें, USS Michael Murphy का प्रहार
मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 10 जून 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए कई टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमला अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Michael Murphy (DDG-112) से किया गया है. पेंटागन ने इस पूरी कार्रवाई को ‘आत्मरक्षा’ में उठाया गया कदम बताया है.
निगरानी प्रणाली और एयर डिफेंस साइट्स पर सटीक प्रहार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस ज्वाइंट ऑपरेशन में अमेरिकी मरीन कोर, एयर फोर्स और नेवी की टीमों ने हिस्सा लिया. अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके कई संवेदनशील मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया. इन हमलों के मुख्य टारगेट थे:
* ईरानी सेना की एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम * सैन्य कम्युनिकेशन नेटवर्क * ईरान के मुख्य एयर डिफेंस ठिकाने
CENTCOM ने कहा, “ईरान पिछले कई दिनों से इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर लगातार आक्रामक हमले कर रहा था. ये ठिकाने समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके थे, जिसके जवाब में राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है.”
हमले में इस्तेमाल हुए घातक ‘स्मार्ट हथियार’
इस सैन्य कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत रही इसमें इस्तेमाल किए गए प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स (PGMs) यानी बेहद सटीक निशाना लगाने वाले स्मार्ट बम और मिसाइलें. टॉमहॉक मिसाइल के अलावा अमेरिकी लड़ाकू विमानों (F-35 और F-15E) ने ईरान पर JDAM (Joint Direct Attack Munition) और पेववे (Paveway) लेजर गाइडेड बमों की बौछार की.
ये ऐसे आधुनिक हथियार हैं जो खराब मौसम या रात के अंधेरे में भी दुश्मन के रडार को चकमा देकर मात्र 5 से 10 मीटर की सटीकता के साथ टारगेट को मटियामेट कर देते हैं. इससे रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे सैन्य ठिकानों को ही ध्वस्त किया गया.
युद्धपोत ‘USS Michael Murphy’ की ताकत
जिस युद्धपोत से टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, वो अमेरिकी नौसेना का Arleigh Burke-class (Flight IIA) विध्वंसक जहाज है. नेवी SEAL लेफ्टिनेंट माइकल पी. मर्फी (मेडल ऑफ ऑनर विजेता) के नाम पर बने इस 9,200 टन वजनी जहाज में Aegis Combat System लगा हुआ है, जो इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित और मारक जहाजों में से एक बनाता है. इसके Mk 41 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) में कुल 96 मिसाइल सेल्स हैं, जो पलक झपकते ही लंबी दूरी तक मार करने वाली टॉमहॉक मिसाइलें दागने में सक्षम हैं.
आगे क्या?
फिलहाल इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या जवाबी कार्रवाई की खबर नहीं आई है. हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र (Persian Gulf) में इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ने का खतरा काफी बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि उसके सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह ‘सतर्क और घातक’ मोड में तैनात हैं.