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AI का कमाल: 87 साल पुराना जैकोबियन गणितीय अनुमान हुआ गलत साबित

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ ने AI की मदद से 87 साल पुराने जैकोबियन अनुमान को गलत साबित कर दिया है। इसे AI की एक बड़ी गणितीय उपलब्धि माना जा रहा है।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने मैथ्स के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. हार्वर्ड विश्वविद्यालय के गणितज्ञ लेवेंट अल्पोगे ने एआई की मदद से 87 साल पुराने जैकोबियन अनुमान (Jacobian Conjecture) को गलत साबित करने का दावा किया है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह अब तक एआई की सहायता से हल की गई सबसे जटिल गणितीय समस्याओं में से एक है. अल्पोगे ने एक छोटे से काउंटर उदाहरण के जरिए दिखाया कि यह गणितीय सिद्धांत हर स्थिति में सही नहीं है. इस खोज ने दुनियाभर के गणितज्ञों को हैरान कर दिया है और एआई की क्षमता पर नई चर्चा शुरू कर दी है.

87 साल पुराना गणितीय अनुमान हुआ गलत साबित

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के गणितज्ञ लेवेंट अल्पोगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने 1939 में दिए गए जैकोबियन अनुमान को गलत साबित कर दिया है. यह अनुमान जर्मन गणितज्ञ ओट हेनरिक केलर ने पेश किया था. लंबे समय से गणितज्ञ इसे सही मानते हुए इसका प्रमाण खोजने में लगे थे. लेकिन अल्पोगे ने एक छोटा-सा प्रतिउदाहरण पेश किया, जिससे साबित हुआ कि यह सिद्धांत हर परिस्थिति में लागू नहीं होता. कई गणित विशेषज्ञों ने इस काउंटर उदाहरण की जांच करने के बाद इसे सही माना है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी गणितीय अनुमान को गलत साबित करने के लिए एक सही काउंटर उदाहरण ही पर्याप्त होता है.

एआई की बढ़ती ताकत

अल्पोगे ने अपनी पोस्ट में “फेबल” का धन्यवाद किया जिसे एंथ्रोपिक के एआई मॉडल क्लाउड फेबल 5 से जोड़ा जा रहा है. माना जा रहा है कि इसी एआई ने समाधान खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हालांकि, यह परिणाम फिलहाल केवल तीन चरों वाले जैकोबियन अनुमान के संस्करण पर लागू होता है, जबकि दो चरों वाला सरल रूप अभी भी सही हो सकता है.

इंसानी सोच अब भी जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई कठिन मैथमेटिकल समस्याओं को हल करने में तेजी से सक्षम हो रहा है, लेकिन नए सिद्धांत विकसित करने और रचनात्मक सोच के लिए इंसानी गणितज्ञों की भूमिका अभी भी बेहद महत्वपूर्ण है. इससे पहले मई में भी ओपनएआई ने अपने एक रिसर्च मॉडल की मदद से दशकों पुराने एर्डोस यूनिट डिस्टेंस कंजेक्चर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतिउदाहरण खोजने का दावा किया था. यह घटनाएं दिखाती हैं कि भविष्य में मैथमेटिकल रिसर्च में एआई और इंसानों की साझेदारी और मजबूत हो सकती है.