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AIIMS BSc Nursing Admissions: NEET UG में असफलता के बाद एम्स नर्सिंग और एलाइड कोर्सेज बने छात्रों की पहली पसंद, 5 साल में 11 गुना बढ़े आवेदन

नीट यूजी में असफलता के बाद एम्स के बीएससी नर्सिंग और एलाइड हेल्थ कोर्सों में एडमिशन के लिए छात्रों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
 

नीट यूजी (NEET UG) की परीक्षा में हर साल 20 लाख से अधिक उम्मीदवार आवेदन करते हैं, जिनमें से 2 लाख से भी कम कैंडिडेट्स को एमबीबीएस, बीडीएस या बीएएमएस जैसे मेडिकल कोर्सेज में सीटें मिल पाती हैं और बाकी करीब 18 लाख छात्रों को निराशा का सामना करना पड़ता है. इस बीच एक बेहद रोचक आंकड़ा सामने आया है, जिसके अनुसार एम्स (AIIMS) के बीएससी नर्सिंग और एलाइड हेल्थ कोर्सों में एडमिशन के लिए पिछले 5 सालों में आवेदनों की संख्या में 11 से 18 गुना तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह साफ दिखाता है कि छात्र अब इसे अपने 'प्लान बी' के रूप में चुन रहे हैं.

🏥 2. एम्स में संचालित होने वाले प्रमुख नर्सिंग व एलाइड हेल्थ कोर्सेज: 1.82 लाख छात्रों ने किया बीएससी नर्सिंग के लिए आवेदन

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ग्रेजुएशन लेवल पर बीएससी नर्सिंग के अलावा मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, ऑप्थैल्मिक साइंसेज, रेडियोथेरेपी और परफ्यूजन टेक्नोलॉजी जैसे कई महत्वपूर्ण एलाइड हेल्थ कोर्स संचालित करता है. आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल अकेले बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए 1.82 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि साल 2021 में यह आंकड़ा सिर्फ 16,485 था. इसी तरह एलाइड हेल्थ कोर्सेज के लिए भी आवेदन करने वालों की संख्या बढ़कर 1.26 लाख तक पहुंच गई है.

💰 3. बेहद सस्ती फीस और 'प्लान बी' बना मुख्य वजह: मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों की नई पसंद

AIIMS के इन नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सों की लोकप्रियता में लगातार हो रही वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण माने जा रहे हैं. पहला कारण इन कोर्सों की बेहद कम और किफायती फीस है, जो मात्र 1500 से 15000 रुपये तक में पूरी हो जाती है. वहीं दूसरा और सबसे बड़ा कारण नीट के असफल छात्रों द्वारा इसे 'प्लान बी' के रूप में अपनाना है, ताकि वे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़कर मेडिकल सेक्टर में अपना शानदार करियर बना सकें.