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Haryana School Admission: भिवानी में 'प्रवेश उत्सव' का आगाज, सरकारी स्कूलों में जीरो ड्रॉपआउट का लक्ष्य

भिवानी में 20 अप्रैल तक चलेगा 'प्रवेश उत्सव' अभियान। शिक्षक घर-घर जाकर करेंगे बच्चों का नामांकन। सुपर-100, मुफ्त कोचिंग और डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाओं पर जोर।

 

भिवानी। सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए जिले में 20 अप्रैल तक प्रवेश उत्सव चलाया जा रहा है जिसमें जीरो ड्रॉपआउट का लक्ष्य तय कर शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक नामांकन की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी है।

वहीं ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूलों में वापस लाने के लिए पंचायतों और स्कूल प्रबंधन समितियों को भी अभियान से जोड़ा गया है। दरअसल हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने और जीरो ड्रॉपआउट लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।

वर्ष 2030 तक बाल वाटिका से 12वीं कक्षा तक 100 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत तीन से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। वहीं उच्चतर शिक्षा में नामांकन दर को 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिले में 23 मार्च से प्रवेश उत्सव अभियान शुरू हो चुका है जो 20 अप्रैल तक चलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे जो अभी तक स्कूल से बाहर हैं या ड्रॉपआउट हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।

यह अभियान केवल स्कूल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि शिक्षक और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य बच्चों के घर जाकर उनका नामांकन करेंगे। विशेष रूप से उन परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो बच्चों की शिक्षा के प्रति उदासीन हैं या आर्थिक व सामाजिक कारणों से बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। ऐसे अभिभावकों को समझाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के प्रति किया जाएगा जागरूक
निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश उत्सव अभियान के तहत शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देंगे। इनमें मुफ्त पाठ्य पुस्तकें व स्टेशनरी, मध्याह्न भोजन, निशुल्क स्वास्थ्य जांच, मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, एसी-बीसी और बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता, स्टीम लैब व डिजिटल शिक्षा, स्किल पास बुक, खेल, योग और सह-पाठ्य गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं शामिल हैं।

सुपर-100 व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी दी जाएगी जानकारी
इस दौरान शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को बताया जाएगा कि सरकारी स्कूलों में अब सामान्य शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जा रही है। सुपर-100 कार्यक्रम के तहत नीट और आईआईटी-जेईई की मुफ्त कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

जिले के सरकारी विद्यालयों में दाखिलों की संख्या बढ़ाने को लेकर नामांकन अभियान जारी है। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी अभिभावकों को अवगत करवाया जा रहा है। 20 अप्रैल तक प्रवेश उत्सव जारी रहेगा।