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9वीं से 12वीं तक प्रैक्टिकल क्लास अनिवार्य, बिहार के सरकारी स्कूलों में बनेंगी नई साइंस लैब

बिहार के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए विज्ञान की प्रैक्टिकल कक्षाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। 15 दिनों में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

बिहार के सरकारी स्कूलाें में बड़े बदलाव की कवायद शुरू हाे गई है. बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों की विज्ञान शिक्षा को प्रयोग आधारित और आधुनिक बनाने का फैसला लिया है. इसी कड़ी में राज्य के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए प्रायोगिक कक्षाओं को अनिवार्य कर दिया गया है. मसलन, बिहार के सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स विज्ञान की थ्योरी क्लास के साथ ही प्रैक्टिकल क्लास में भी समय बिताएंगे.

आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि बिहार के कितने सरकारी स्कूलों में विज्ञान की प्रयोगशाला हैं. जानेंगे कि जिन स्कूलों में विज्ञान की प्रयोगशाला नहीं है, वहां कैसे अनिवार्य रूप से कक्षाएं लगाई जाएंगी.

70 फीसदी से अधिक स्कूलों में नहीं प्रयोगशाला

बिहार के 70 फीसदी से अधिक सरकारी स्कूलों में प्रयोगशाला नहीं है. मसलन, राज्य के सिर्फ 3132 स्कूलों में ही विज्ञान प्रयोगशाला है. सरकारी आांकडों के अनुसार बिहार में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर कुल 12047 स्कूल है,जिसे देखते हुए शिक्षा विभान ने 9वीं और 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए प्रायोगिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है.

नई प्रयोगशाला हाेंगी स्थापित, पड़ोस के स्कूलों का लेंगे सहयोग

बिहार के सरकारी स्कूलाें में विज्ञान की प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई प्रयोगशाला विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसके तहत स्कूलों में नई विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की जाएंगी. इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 15 दिनों के अंदर आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिया है.

वहीं 9वीं-10वीं तथा 11वीं-12वीं क्लास के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं. स्कूलों को प्रयोगशाला के लिए बीकर, माइक्रोस्कोप, वर्नियर कैलिपर्स, स्पेक्ट्रोमीटर, टेस्ट ट्यूब, रसायन, स्लाइड की खरीद करनी है. वहीं स्कूलों को निर्देशित किया गया है, नई प्रयोगशाला स्थापित होने तक निकट के स्कूल के सहयोग से प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन किया जाए.

एक्सपर्ट की निगरानी में स्थापित होंगी प्रयोगशाला

बिहार के सरकारी स्कूलों में एक्सपर्ट के सहयोग से प्रयोगशाला स्थापित की जाएंगी, जिसके तहत SCERT और डायट के एक्सपर्ट स्कूलों मं फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की प्रयोगशाला स्थापित करने में सहयोग करेंगे. इसके साथ ही ये एक्सपर्ट उपकरणों की खरीद और प्रयोगशाला के संचालन में भी मदद करेंगे.वहीं स्कूल प्रबंधन समिति को प्रयोगशाला के रखरखाव और उपकरणों को सुरक्षित रखने में भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.