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CBSE 10th Board Exam 2027: सीबीएसई ने पासिंग मार्क्स के पुराने नियम को रखा बरकरार, अब अलग से 33% लाने की अनिवार्यता खत्म

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 के पासिंग क्राइटेरिया में किए गए बदलाव के पुराने फैसले को वापस ले लिया है। अब कुल 33 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र पास होंगे।

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 में शामिल होने जा रहे स्टूडेंट्स के लिए बड़ा अपडेट है. सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड एग्जाम पार्सिंग क्राइटेरिया में बदलाव कर दिया है, जिसके तहत सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड एग्जाम के पासिंग मार्क्स के नियम में बदलाव का पुराना फैसला वापस ले लिया है. इस फैसले के तहत अब 10वीं बोर्ड एग्जाम में कुल 33 फीसदी नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स को पास माना जाएगा. हालांकि माना जा रहा है कि इसे 2027-28 में लागू किया जा सकता है.

आइए, विस्तार से पूरा मामला जानते हैं. जानते हैं कि सीबीएसई ने पूर्व में बदलाव के तहत 10वीं बोर्ड एग्जाम में पासिंग क्राइटेरिया क्या निर्धारित किया था. जानेंगे कि अब क्राइटेरिया क्या है. जानेंगे कि OSM विवाद को इसकी वजह क्यों माना जा रहा है.

सीबीएसई ने अप्रैल में बदला था 10वीं बोर्ड एग्जाम का पासिंग क्राइटेरिया

सीबीएसई ने अप्रैल 2026 में 10वीं बोर्ड एग्जाम पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव की जानकारी दी थी. सीबीएसई ने स्पष्ट किया था कि 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 में स्टूडेंट्स को प्रत्येक विषय में 33 फीसदी नंबर लाने होंगे. मसलन, स्टूडेंट्स के लिए एक्सटर्नल और इंटरनल असेसमेंट एग्जाम में 33 फीसदी नंबर प्राप्त करने को अनिवार्य कर दिया गया था.

पुरानी व्यवस्था क्या थी

इससे पूर्व सीबीएसई में 10वीं बोर्ड एग्जाम में पासिंग क्राइटेरिया की बात करते हैं, जिसके तहत स्टूडेंट्स को पास होने के लिए कुल 33 फीसदी नंबर की जरूरत होती थी. इसमें अलग-अलग विषय में 33 फीसदी नंबर की जरूरत नहीं थी. असल में CBSE ज़्यादातर विषय में 80-20 वेटेज का फॉर्मूला अपनाता है, जिसमें 80 नंबर बोर्ड परीक्षा के लिए और 20 नंब स्कूल असेसमेंट में दिए जाते थे.

सीबीएसई ने कहा, पासिंग क्राइटेरिया की पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी

सीबीएसई ने बीते दिनों बोर्ड एग्जाम को लेकर नया सर्कुलेशन जारी किया था, जिसमें सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड एग्जाम 27 के लिए क्वेश्चन पेपर के डिजाइन और असेसमेंट के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा. साथ ही सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि पास होने के नियम एकेडमिक सेशन 2025-26 वाले ही रहेंगे. यानी कि 10वीं बोर्ड एग्जाम का पासिंग क्राइटेरिया पुराना वाला लागू रहेगा.

OSM विवाद है क्या कारण

सीबीएसई ने अपने पुराने फैसले को वापस लेते हुए 10वीं बोर्ड एग्जाम पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव किया है. इसके पीछे ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद को कारण माना जा रहा है. असल में सीबीएसई ने पिछले साल से 12वीं की कॉपियां OSM सिस्टम से चेक की थी. इसकी तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से 12वीं का रिजल्ट जारी करने में देरी हुई तो वहीं 12वीं के पासिंग पर्सेंटेज में भी कमी दर्ज की गई. माना जा रहा है कि 10वी बोर्ड एग्जाम में नया पासिंग क्राइटेरिया लागू होने से स्टूडेंट्स के पास होने की संख्या में कमी दर्ज की जा सकती थी. इसे देखते हुए सीबीएसई ने इसे टाल दिया है.