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CBSE 10th Result: आरशा ने 600/600 अंक पाकर रचा इतिहास, जानें सफलता के मंत्र

सीबीएसई 10वीं में आरशा ने हासिल किए 600 में से 600 नंबर। बिना ट्यूशन, माइंड मैप्स और सेल्फ स्टडी से पाई सफलता। टॉपर्स की तैयारी के खास टिप्स यहाँ पढ़ें।

 

सीबीएसई कक्षा 10 के हाल ही में घोषित रिजल्ट में आरशा साइराह जकोशी ने 600 में से 600 नंबर हासिल कर न केवल एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, बल्कि अनगिनत छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं. आरशा की यह अविश्वसनीय उपलब्धि सिर्फ मेहनत का नहीं, बल्कि सही रणनीति, अनुशासन और निरंतरता का परिणाम है. टीवी 9 डिजिटल के एजुकेशन 9 पर खास बातचीत में आरशा ने अपनी इस असाधारण सफलता के पीछे के रहस्यों को शेयर किया.

आरशा ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनके स्कूल के टिचर्स, उनकी मां और पिता थे, जिन्होंने उन्हें पूरे समय बहुत सपोर्ट दिया. उनका लक्ष्य हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था. आरशा की रोजाना पढाई में स्कूल के बाद स्कूल का ही रिवीजन शामिल था. वो लगातार रिवीजन करती थीं और परीक्षा से पहले सैंपल पेपर और पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करती थीं. सेल्फ-स्टडी पर उनका विशेष जोर था, उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिया.

माइंड मैप्स और कोर सब्जेक्ट्स पर फोकस

सिलेबस को कवर करने के लिए आरशा ने अपने कोर सब्जेक्ट्स जैसे मैथ्स और साइंस के चैप्टर्स को पहले खत्म किया, जबकि लैंग्वेज को थोड़ा आसानी से और धीरे-धीरे कवर किया. नोट्स बनाने के बजाय, उन्होंने माइंड मैप्स का सहारा लिया. उनका मानना था कि माइंड मैप्स पूरे चैप्टर की जानकारी को एक ही पेज पर संकलित कर देते हैं, जिससे परीक्षा से पहले तुरंत रिवीजन में मदद मिलती है.

पुराने पेपर और गलतियों से सीखना

पिछले 10 साल के प्रश्न पत्र और उपलब्ध सभी सैंपल पेपर्स को हल करना उनकी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसने उन्हें परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण प्रश्नों को समझने में मदद की. आरशा ने अपनी सफलता का सबसे बड़ा रहस्य अपनी गलतियों से सीखने को बताया. जब भी उनके टेस्ट में कम नंबर आते थे, वह अपनी गलतियों का एक नोट रखती थीं और उन पर काम करती थीं ताकि वो बोर्ड परीक्षा में न दोहराई जा सकें.

बेहतर आंसर राइटिंग और टाइम मैनेजमेंट

आंसर राईटिंग के दौरान उन्होंने मुख्य प्वॉइंट्स को अंडरलाइन करने, आंसरों को प्वॉइंट में लिखने और अच्छी लिखावट पर ध्यान देने की सलाह दी, उन्होंने पुराने प्रश्न पत्रों को लिखकर प्रैक्टिस किया ताकि वो महत्वपूर्ण कीवर्ड्स और प्रेजेंटेशन स्टाइल को समझ सकें. टाइम मैनेजमेंट के लिए आरशा ने प्रत्येक सेक्शन के लिए समय अलॉट करने और एक इंटरनल क्लॉक बनाए रखने का सुझाव दिया, उन्होंने बताया कि सिली मिस्टेक्स से बचने के लिए आंसर राइटिंग की अधिक से अधिक प्रैक्टिस महत्वपूर्ण है.

YouTube से कॉन्सेप्ट क्लियर करने का सही तरीका

YouTube का उपयोग आरशा ने अपनी पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता के लिए किया. वो इसका उपयोग कॉंसेप्ट्स को क्लियर करने या उन प्रश्नों के आंसर खोजने के लिए करती थीं जो उन्हें समझ में नहीं आते थे. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वो केवल विश्वसनीय शैक्षिक चैनलों का पालन करें और ऑनलाइन लेक्चर देखते समय नोट्स अवश्य लें.

ऑनलाइन-ऑफलाइन पढ़ाई और स्ट्रेस मैनेजमेंट का संतुलन

आरशा ने ऑनलाइन और पारंपरिक पुस्तकों दोनों का उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया. स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए उन्होंने राईटिंग, कविता लिखने या चित्र बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियों का सहारा लिया. उन्होंने यह भी बताया कि प्रेरणा हमेशा नहीं रहती, लेकिन ऐसे समय में खुद को प्रेरित करने के लिए उन्होंने अपने स्वयं के प्रेरक उदाहरणों का संग्रह बनाकर रखा था.

90+ स्कोर के लिए जरूरी आदतें और आखिरी महीने की तैयारी

आरशा ने 90+ नंबर प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए तीन महत्वपूर्ण आदतें बताईं, पहले दिन से ही लगातार पढ़ाई करना, आंसर राइटिंग पर बहुत काम करना और कभी भी निराश न होना. परीक्षा से एक महीने पहले उन्होंने हर विषय के सैंपल पेपर हल करने और अपनी गलतियों के नोट्स से लगातार रिवीजन करने की सलाह दी. किसी भी विषय में कमजोर होने पर उन्होंने समस्या के मूल कारण का पता लगाने, हाई वेटेज वाले चैप्टर्स पर ध्यान केंद्रित करने और अपने टिचर्स से सलाह लेने का सुझाव दिया. आरशा की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, लगन और एक सुनियोजित रणनीति के साथ कोई भी छात्र अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है.