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CBSE Credit System: सीबीएसई स्कूलों में लागू होगा नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF), 9वीं से 12वीं के छात्रों को पढ़ाई के साथ मिलेंगे क्रेडिट

सीबीएसई बोर्ड स्कूलों में नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) लागू करने जा रहा है। 9वीं से 12वीं के छात्रों को 1200 लर्निंग आवर्स पर 40 क्रेडिट मिलेंगे, जो हायर एजुकेशन को आसान बनाएंगे।

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) बोर्ड ने स्टूडेंट्स के 360 डिग्री असेसमेंट की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में सीबीएसई जल्द ही संबद्ध स्कूलों में राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCRF) को लागू करने की तैयारी कर रहा है. इसके लागू होने के बाद सीबीएसई स्कूलों में 9वीं से 12वीं क्लास में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को पढ़ाई में नंबर के साथ ही क्रेडिट भी मिलेंगे. ये क्रेडिट स्टूडेंट्स की हायर एजुकेशन को आसान बनाएंगे. सीबीएसई के संबद्ध स्कूलों में इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाना है. कुछ राज्यों से इसकी शुरुआत हो गई है.

आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि NCRF क्या है और इसे लागू करने का मकसद क्या है. जानते हैं कि स्टूडेंट्स को कैसे क्रेडिट मिलेंगे. जानते हैं कि ये क्रेडिट कैसे स्टूडेंट्स की हायर एजुकेशन को आसान बनाएंगे.

NCRF क्या है?

नेशनल क्रेडिट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NCRF) को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शुरू किया गया है. ये क्रेडिट फ्रेमवर्क एक सिंगल फ्रेमवर्क है, जिसके जरिए स्कूली शिक्षा, हायर एजुकेशन और वोकेशनल या स्किल एजुकेशन में हासिल किए गए क्रेडिट को एक साथ जोड़ा जाता है. इस फ्रेमवर्क के जरिए सामान्य शिक्षा और वोकेशन एजुकेशन को जोड़ने का काम किया जाता है, ताकि पहले की पढ़ाई, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और प्रोफेशनल डेवलपमेंट को सिस्टम में लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. मसलन, स्कूल स्टूडेंट्स को पढ़ाई, प्रैक्टिकल और कौशल विकास के लिए क्रेडिट दिए जाते हैं.

1200 लर्निंग आर्वस के 40 क्रेडिट

नेशनल क्रेडिट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NCRF) के तहत स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, प्रैक्टिकल, स्पोर्ट्स एक्टिविटीज, एक्सपीरियेंशियल लर्निंग के आधार पर क्रेडिट दिए जाने हैं. फ्रेमवर्क के तहत एक एकेडमिक सेशन में 1200 लर्निंग आवर्स के लिए 40 क्रेडिट तय किए गए हैं. मतलब 30 लर्निंग आवर्स पर एक क्रेडिट दिए जाने की व्यवस्था है. स्टूडेंट्स को मुख्य विषयों के साथ ही वोकेशनल विषयों के भी क्रेडिट मिलेंगे. एडिशनल विषय लेने वाले स्टूडेंट्स को भी क्रेडिट मिलेंगे.

विषयवार मिलेंगे क्रेडिट

नेशनल क्रेडिट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NCRF) के तहत विषयवार क्रेडिट दिए जाने का प्रावधान है. इसमें प्रत्येक विषय के लिए क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं, जो लर्निंग आवर्स के आधार पर दिए जाएंगे. ये क्रेडिट 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट हैं. फ्रेमवर्क के तहत इन क्लास के स्टूडेंट्स को भाषा आधारित विषयों में 120 लर्निंग आवर्स पर 4 क्रेडिट दिए जाने की व्यवस्था है. तो वहीं गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में 150 क्रेडिट आवर्स पर 5 क्रेडिट दिए जाने की व्यवस्था है. इसी तरह फिजिकल एजुकेशन और आर्ट्स के लिए दो-दो क्रेडिट दिए जाने का प्रावधान है.इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स के लिए 4 और वोकेशनल एजुकेशन के लिए 5 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं.

हायर एजुकेशन में लैटरल एंट्री के अवसर मिलेंगे

सीबीएसई ने स्कूल स्टूडेंट्स के लिए क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी की है. ये क्रेडिट स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद हायर एजुकेशन में मददगार होंगे. मसलन, स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद इन क्रेडिट की मदद से विभिन्न व्यावसायिक कोर्सों में लैटरल एंट्री के अवसर मिलेंगे. एडमिशन रजिस्ट्रेशन के दौरान ये क्रेडिट मेरिट बेहतर बनाएंगे.