DUSU Election 2026 Delhi High Court Updates: डूसू चुनाव विजय जुलूस पर HC की रोक, 140 कैंडिडेट्स और छात्र संगठनों को नोटिस
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन(DUSU) इलेक्शन 2026 के लिए वोटिंग जारी है. इस बीच डूसू चुनाव प्रचार में हुई हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव विजय जुलूस पर रोक लगा दी है. साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव लड़ रहे 140 कैंडिडेट्स व छात्र संगठनों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है. सभी कैंडिडेट्स के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी से 2 सप्ताह में जवाब मांगा है. अब नवंबर में मामले में अगली सुनवाई होगी.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि डूसू चुनाव हिंसा को लेकर गुरुवार को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा. साथ ही जानेंगे कि शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा है.
काउंटिंग व रिजल्ट रोकने की दी थी चेतावनी
दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव प्रचार में हो रही हिंसा मामले से जुड़ी एक याचिका पर शुक्रवार 17 सितंबर को सुनवाई की थी. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी. साथ ही कोर्ट ने डूसू चुनाव प्रचार में हुई हिंसा पर नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया था. इसके लिए 18 सितंबर यानी आज तक का समय दिया गया था. साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अगर दाखिल जवाब से वह संतुष्ट नहीं होता है तो डूसू चुनाव के वोटों की गिनती और नतीजों पर रोक लगाने का आदेश दे सकता है.
कैंडिडेट्स पर हर्जाना क्याें ना लगाए जाए : HC
डूसू चुनाव हिंसा मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट की तल्ख आदेश पर शुक्रवार को डीयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस की तरफ से जवाब दाखिल किया गया है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. सुनवाई मेंचुनाव में हुई हिंसा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी. तो वहीं चुनाव लड़ रहे छात्र संगठनों और 140 कैंडिडेट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया. कोर्ट नेउनसे पूछा है कि चुनाव नियमों का उल्लंघन करने पर सामूहिक चुनावी हर्जाना क्यों न लगाया जाए? सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों के काफिले और हथियारों के इस्तेमाल पर जताई नाराजगी.
सामूहिक जुर्माना लगाएंगे : HC
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हम इन सभी उल्लंघनों के लिए सामूहिक जुर्माना लगाएंगे. आप लोगों ने अपना तरीका नहीं बदला है. पिछले चुनावों में दिए गए आदेश को देखिए. उम्मीदवार के जीतने के बाद, उन्होंने एक टीचर को थप्पड़ मारा? हम संगठनों के साथ अलग-अलग व्यवहार नहीं कर रहे हैं.