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HBSE 10th Result 2026: नरवाना के वंश ने हरियाणा बोर्ड 10वीं में पाया तीसरा स्थान; पिता के निधन के बाद मां ने पाला

हरियाणा बोर्ड 10वीं का परिणाम: जींद के नरवाना निवासी वंश ने 500 में से 497 अंक लाकर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया। 5 साल पहले उठ गया था पिता का साया, मां ने मजदूरी कर पढ़ाया।

 

नरवाना : कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो मुश्किल हालात भी रास्ता नहीं रोक सकते। नरवाना की भगत सिंह कॉलोनी के रहने वाले वंश ने यह साबित कर दिखाया है। पांच साल पहले पिता का साया सिर से उठ गया, लेकिन बेटे ने उनके सपनों को टूटने नहीं दिया। हरियाणा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 500 में से 497 अंक हासिल कर वंश ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अब पूरे इलाके में इस होनहार बेटे की चर्चा हो रही है।

रिजल्ट घोषित होते ही वंश के घर में खुशी का माहौल 

रिजल्ट घोषित होते ही वंश के घर में खुशी का माहौल छा गया। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग बधाई देने पहुंचने लगे। मिठाइयां बांटी गईं और परिवार ने बेटे की सफलता का जश्न मनाया। वंश की इस उपलब्धि के पीछे उसकी मां सरोज की मेहनत और संघर्ष भी साफ नजर आया। पिता के निधन के बाद मां ने ही बेटे और बेटी दोनों को संभाला और पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।

केवल पढ़ाई के लिए किया सोशल मीडिया का प्रयोग

वंश ने बताया कि उसने ज्यादा घंटे पढ़ाई करने के बजाय पूरी एकाग्रता और फोकस के साथ पढ़ाई की। सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई से जुड़े डाउट और जानकारी के लिए किया। वंश का कहना है कि उसके पिता हमेशा चाहते थे कि वह बड़ा अफसर बने और अब वह उसी सपने को पूरा करना चाहता है। वंश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, बहन और एमडीएन स्कूल के शिक्षकों को दिया। वंश की बड़ी बहन ने भी हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। अब वंश का सपना आईआईटी में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का है।

मां ने बताया कि मेरे बेटे ने बहुत मेहनत करके ये मुकाम हासिल किया है, मैं आगे भी उमीद करती हूं बाहरवी में भी कोई पोजीशान लेकर आए। मुझे इसको मम्मी व पापा दोनों का प्यार देना पड़ा। इसके पापा यही चाहते थे कि बच्चा कुछ बड़ा होकर बने। इसके पापा का सपना मेरे लड़का व लड़की दोनों पूरा करेंगे। मेरी बेटी भी मेडिकल में 94 परसेंट नम्बर लाई है। वंश की बुआ भी बेटे की इस कामयाबी से भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी खुशी उनके घर आएगी। अगर आज वंश के पिता जिंदा होते तो सबसे ज्यादा खुश वही होते।