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Hisar School Shocker: हिसार के सरकारी स्कूल में छात्राओं को बनाया 'मुर्गा', वीडियो वायरल होने पर DEO ने बिठाई जांच; महिला आयोग तक पहुंचा मामला

हिसार के राजकीय हाई स्कूल में अनुशासन के नाम पर छात्राओं को अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है। छात्राओं को 'मुर्गा' बनाकर घुमाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने विशेष जांच कमेटी गठित की है। राज्य महिला आयोग से भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

 

हिसार : हिसार के राजकीय हाई स्कूल से अनुशासन के नाम पर छात्राओं को अमानवीय सजा देने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए तीन वीडियोज में छात्राओं को स्कूल परिसर के भीतर ‘मुर्गा’ बनाकर घुमाते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। 

अज्ञात शिकायतकर्ता ने इन वीडियो साक्ष्यों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ये वीडियो पूरी तरह वास्तविक हैं और किसी भी प्रकार की तकनीक या AI से निर्मित नहीं हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डिप्टी डीईओ की अध्यक्षता में एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह तीन दिनों के भीतर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करे और अपनी रिपोर्ट कार्यालय को सौंपे। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना कब की है और इसके लिए मुख्य रूप से कौन से शिक्षक या कर्मचारी जिम्मेदार हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

यह विवाद केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसकी शिकायत राज्य महिला आयोग को भी भेज दी गई है। शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में तीखे सवाल उठाते हुए कहा है कि जहां एक ओर सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के जरिए बेटियों को सशक्त बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थानों में उन्हें इस तरह अपमानित करना समानता और सम्मान के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। स्कूल के भीतर ऐसा दंडात्मक माहौल छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति उनके रुझान को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।