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HTET 2025: भिवानी में शांतिपूर्ण संपन्न हुई परीक्षा, पढ़ें परीक्षा का हाल

भिवानी में HTET-2025 परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न। बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी में हुई परीक्षा। परीक्षार्थियों की राय और पूरी डिटेल पढ़ें।

 

भिवानी। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2025 रविवार को जिले में शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा के बाद जहां कुछ परीक्षार्थी समय प्रबंधन के कारण पूरा प्रश्नपत्र हल नहीं कर पाने से मायूस नजर आए वहीं बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चेहरे पर सफलता की उम्मीद की मुस्कान दिखाई दी। परीक्षा के ओवरऑल इंचार्ज एडीसी दीपक बाबूलाल करवा के साथ एसडीएम महेश कुमार और डीएमसी हरबीर सिंह ने दोनों शिफ्टों में पूरे दिन व्यवस्थाओं की निगरानी की।

जिलाधीश साहिल गुप्ता के आदेश पर परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू रही। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था संभाली और परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भी सहयोग किया। बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रहने से परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई और परीक्षा के बाद परीक्षार्थी संतुष्टि के साथ केंद्रों से बाहर निकले।

सुबह की शिफ्ट में लेवल-2 की परीक्षा में पंजीकृत 6,636 अभ्यर्थियों में से 5,838 ने परीक्षा दी जबकि 798 अनुपस्थित रहे। शाम की शिफ्ट में लेवल-1 की परीक्षा में 1,927 अभ्यर्थियों में से 1,516 ने परीक्षा दी और 411 अनुपस्थित रहे। डीसी साहिल गुप्ता ने परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की।

एसडीएम, डीएमसी व जीएम को बनाया नोडल अधिकारी
एसडीएम भिवानी महेश कुमार को परीक्षा केंद्र संख्या 04, 05, 10, 11, 18 एवं 21, जिला नगर आयुक्त हरबीर सिंह को परीक्षा केंद्र संख्या 01, 02, 03, 12, 13, 14 एवं 15 तथा एसडीएम तोशाम संदीप कुमार को परीक्षा केंद्र संख्या 06, 07, 08, 09 एवं 16 का नोडल अधिकारी बनाया गया। इसके अलावा हरियाणा राज्य परिवहन भिवानी के महाप्रबंधक दीपक कुंडु को परीक्षा केंद्र संख्या 17, 19 एवं 20 का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। सभी नोडल अधिकारियों ने अपने अधीन परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया तथा परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन की निगरानी की। सीसीटीवी, बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग, वीडियोग्राफी, जैमर, बिजली, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए।

भाजपा जिला प्रधान ने भी सुनिश्चित करवाई पेयजल की व्यवस्था
एक ओर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने शिक्षा बोर्ड के कंट्रोल रूम से प्रदेशभर की परीक्षा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की वहीं जिला प्रशासन के साथ भाजपा जिला प्रधान वीरेंद्र कौशिक ने जिला महामंत्री रमेश पचेरवाल के साथ हलवासिया स्कूल, केएम स्कूल सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के अभिभावकों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई।

जिला पुलिस ने राइडर के माध्यम से परीक्षार्थियों को सही केंद्रों तक पहुंचाया
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एचटेट के दौरान डायल-112 राइडर वाहनों सहित जिला पुलिस के अन्य वाहनों को शहर के प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया ताकि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो। जिला पुलिस ने राइडर और मोटरसाइकिल पुलिस टीमों के माध्यम से अनेक परीक्षार्थियों को समय पर उनके परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया। पुलिसकर्मियों ने परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनाए रखी जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

पेपर ने बढ़ाया भरोसा, कुछ को समय ने छकाया

इस बार एचटेट का प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान था। कुछ प्रश्न हल करने में परेशानी हुई फिर भी उम्मीद है कि परीक्षा उत्तीर्ण हो जाएगी। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद सभी व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं। स्टाफ का व्यवहार अच्छा था। प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और केंद्र का माहौल अनुशासित रहा। 

एचटेट का प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। रोडवेज सहित अन्य व्यवस्थाएं भी अच्छी रहीं। परीक्षा केंद्र पर शांति और अनुशासन का माहौल था। स्टाफ के सभी सदस्य सहयोगी और विनम्र थे तथा कहीं भी अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। 

पहली बार एचटेट की परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र पर स्टाफ का व्यवहार बहुत अच्छा रहा और सभी सदस्य मार्गदर्शन के लिए तत्पर थे। पूरा प्रश्नपत्र हल करने के लिए समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण था लेकिन समय का सही प्रबंधन नहीं हो पाने से कुछ प्रश्न छूट गए जिससे थोड़ी निराशा हुई।

पहली बार एचटेट की परीक्षा दी और अनुभव अच्छा रहा। अच्छी तैयारी के बावजूद पूरा प्रश्नपत्र हल नहीं कर पाया। परीक्षा केंद्र साफ-सुथरा और व्यवस्थित था। स्टाफ ने सभी अभ्यर्थियों की मदद की और किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। प्रश्नपत्र का कोई भी सवाल पाठ्यक्रम से बाहर नहीं था।