JEE Main Topper: हरियाणा के कबीर छिल्लर ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल, जानें उनका सक्सेस मंत्र
JEE Main में 100 पर्सेंटाइल लाकर हरियाणा के कबीर छिल्लर ने रचा इतिहास। जानें कैसे फुटबॉल और गिटार के साथ की पढ़ाई और क्या है उनका अगला बड़ा लक्ष्य।
हाल ही में जेईई मेन सेशन 2 का रिजल्ट जारी हुआ था, जिसमें कुल 26 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया. उन टॉपर्स की लिस्ट में हरियाणा के कबीर छिल्लर का नाम भी शामिल है, जिन्होंने जेईई मेन सेशन 2 में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि अपने राज्य का भी नाम रोशन किया है. उनके परिवार के लिए यह उपलब्धि न सिर्फ रैंक का प्रतीक है, बल्कि उनकी निरंतर सफलता का भी प्रमाण है. अब कबीर जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुट गए हैं. इसके साथ ही वह इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड की तैयारी में भी लगे हुए हैं.
मुंबई में रह रहे कबीर का अब सपना है कि वह जेईई एडवांस्ड पास कर आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक करें और उसके बाद हायर स्टडी के लिए वह मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी (MIT) में भी एडमिशन लेना चाहते हैं. कबीर ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि ‘मैंने कभी अंकों के लिए पढ़ाई नहीं की बल्कि मैंने बस चीजों को ठीक से समझने पर ध्यान केंद्रित किया’.
10वीं के बाद शुरू कर दी थी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इंटरव्यू में कबीर ने बताया कि उनकी जेईई की तैयारी की शुरुआत 10वीं के बाद ही हो गई थी, जब उन्होंने खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) के प्रति अपनी गहरी जिज्ञासा के चलते साइंस स्ट्रीम का चयन किया. उनकी ये जिज्ञासा बचपन से ही थी. उनके पिता क्लास-2 की एक घटना को याद करते हुए कहते हैं कि जब एक टीचर ने उनसे पृथ्वी से दूर स्थित एक तारे का नाम पूछा था, तो कबीर ने पृथ्वी से दूर स्थित 10 तारों के नाम गिना दिए थे.
पिता से सीखा एक मजबूत सिद्धांत
कबीर ने अपनी तैयारी के कुछ सिद्धांत अपने पिता से भी सीखे. उनके पिता आईआईटी खड़गपुर के छात्र रह चुके हैं और उनका सिद्धांत है कि ‘करो और भूल जाओ’. इसी सिद्धांत को कबीर ने भी अपनाया और हर परीक्षा के बाद उनका ध्यान हमेशा अगले कदम पर होता था, न कि बीते हुए समय के बारे में ज्यादा सोचने पर. कबीर कहते हैं कि सेल्फ स्टडी के दौरान वह अपनी एकाग्रता और सीखने की गुणवत्ता दोनों को प्राथमिकता देते थे और हर परीक्षा के बाद आत्म-विश्लेषण करते थे और उन चीजों पर फोकस करते थे, जहां उन्हें कुछ कमी नजर आती थी.
रोजाना 8 घंटे करते थे पढ़ाई
जेईई की तैयारी के दौरान आमतौर पर कबीर लगभग 8 घंटे पढ़ाई करते थे और केमिस्ट्री उनका सबसे मजबूत विषय था. हालांकि उनका जीवन सिर्फ किताबों तक ही सीमित नहीं था बल्कि वह पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज भी खेलते थे, अपना पसंदीदा फुटबॉल मैच भी देखते थे और खाली समय में यूट्यूब भी देखते थे. दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने कई फुटबॉल प्रतियोगिताओं में हरियाणा का प्रतिनिधित्व भी किया है. इसके अलावा उन्हें गिटार बजाना भी अच्छा लगता है.