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JNU Professor Dismissed: 10 छात्रों की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, वीसी शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने जारी किया आदेश

जेएनयू प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकॉइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। आंतरिक समिति की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई हुई है।

 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के गंभीर मामलों में संलिप्त पाए गए प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकॉइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया है। प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा एक आंतरिक समिति (ICC) का गठन किया गया था, जिसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया है। जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर की बर्खास्तगी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

👩‍🎓 10 स्टूडेंट्स ने दर्ज कराई थी अनुचित व्यवहार और उत्पीड़न की शिकायत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितंबर महीने में लगभग 10 स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अनुचित आचरण की शिकायत आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी थी। यह शिकायतें अगस्त में मिली शुरुआती शिकायत के बाद सामने आई थीं। छात्रों ने आरोप लगाया था कि क्लास के दौरान प्रोफेसर द्वारा अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं और उन्हें कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाकर अनुचित व्यवहार किया जाता था।

🔍 ICC की जांच में आरोपों की पुष्टि, प्रशासन ने लिया कड़ा फैसला

शिकायत मिलने के बाद JNU की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। समिति ने सभी प्रभावित स्टूडेंट्स का पक्ष सुना, साक्ष्य जुटाए और आरोपी प्रोफेसर को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया। जांच में प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह सही पाए गए, जिसके बाद ICC ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की सिफारिश सौंपी। इसी सिफारिश और तय प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत JNU प्रशासन ने प्रोफेसर को बर्खास्त करने का यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।