Karnataka Govt Big Announcement: 72 हजार सरकारी नौकरियां, कक्षा 6 से AI शिक्षा और ग्रामीण छात्रों को 7.5% आरक्षण
कर्नाटक सरकार ने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किए हैं. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य के स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की. AI अक्षरा अभियान और कोडिंग गुरुकुल के जरिए छात्रों को तकनीक और कोडिंग की जानकारी दी जाएगी. सरकार कक्षा 6 से AI शिक्षा शुरू करने की तैयारी में है. इसके साथ ही बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी AI विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. सरकार ने रोजगार, ग्रामीण छात्रों की हायर एजुकेशन और परीक्षा सुधार से जुड़े कई अन्य फैसलों की जानकारी भी दी.
कक्षा 6 से छात्रों को मिलेगी AI की शिक्षा
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि दुनिया तेजी से तकनीक और AI के दौर में आगे बढ़ रही है. ऐसे में कर्नाटक के स्टूडेंट्स को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना जरूरी है. इसी उद्देश्य से AI अक्षरा अभियान और कोडिंग गुरुकुल प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे. इनके माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को AI, कोडिंग और नई तकनीकों की बेसिक नॉलेज दी जाएगी.
सरकार का लक्ष्य है कि कक्षा 6 से स्टूडेंट्स को AI शिक्षा से जोड़ा जाए. इससे छात्रों में तकनीकी समझ विकसित होगी और वो आगे चलकर रोजगार की बदलती जरूरतों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे.
बेंगलुरु में बनेगा सरकारी AI विश्वविद्यालय
शिवकुमार ने बताया कि सरकार बेंगलुरु में भारत का पहला सरकारी AI विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है. यह पहल राज्य को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत बनाने की कोशिश का हिस्सा है. सरकार का जोर युवाओं को एडवांस एजुकेशन और बेहतर अवसर देने पर है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति भी अपनी रिपोर्ट करीब दो महीने में देगी. इससे राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है.
72 हजार सरकारी पद भरने की तैयारी
कर्नाटक सरकार ने रोजगार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा है. अगले छह महीने में करीब 72 हजार सरकारी खाली पदों को भरने की योजना है. इसके अलावा प्राइवेट क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए उद्योग सेतु योजना शुरू की जाएगी. नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को प्रति नौकरी हर महीने करीब 2,500 रुपये का प्रोत्साहन दो साल तक दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक इससे करीब एक लाख रोजगारों को फायदा मिल सकता है.
ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्सों में 7.5 प्रतिशत विशेष क्षैतिज आरक्षण देने की भी घोषणा की गई है. सरकार ने 2047 तक कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.