PSC Recruitment Scam 2026: केरल PSC भर्ती घोटाले में एसआईटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई; अध्यक्ष और सदस्यों से भी हुई पूछताछ
दक्षिण भारत के केरल लोक सेवा आयोग (Kerala PSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर जांच का दायरा काफी तेज हो गया है। क्राइम ब्रांच को 'सहायक मोटर वाहन निरीक्षक' भर्ती परीक्षा के दौरान ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से 45 प्रश्न हूबहू कॉपी किए जाने के गंभीर आरोप मिले हैं, जिसके बाद आयोग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि मत्स्य विभाग, खादी बोर्ड, ग्राम तेल निरीक्षक और राज्य योजना बोर्ड की भर्तियों में भी पक्षपात और गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एर्नाकुलम जिले के पेरुम्बावूर निवासी राहुल राज की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में मुख्य रूप से दावा किया गया है कि सहायक मोटर वाहन निरीक्षक परीक्षा में पूछे गए 45 प्रश्न 'स्कैमवेदा' (Scamvedha) ऑनलाइन स्टडी मटेरियल्स और 'Sanfoundry.com' जैसे प्रमुख पोर्टलों से बिल्कुल वैसे ही उठाए गए थे।
🚫 अयोग्य उम्मीदवारों के चयन और पात्रता नियमों में मनमाने बदलाव के गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने आयोग पर कई अन्य गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताओं के भी आरोप लगाए हैं:
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शारीरिक मानकों की अनदेखी: निर्धारित न्यूनतम शारीरिक मानकों को पूरा न करने वाले अयोग्य उम्मीदवारों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
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पात्रता नियमों में फेरबदल: आरोप है कि आवेदन की अंतिम तिथि बीतने से पहले ही पात्रता संबंधी योग्यताओं के नियमों में अनुचित बदलाव किए गए।
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योग्यों की अनदेखी: इन तमाम अनियमितताओं के कारण 2 सितंबर 2024 को जारी की गई रैंक लिस्ट में अयोग्य उम्मीदवारों का चयन हो गया, जिससे कई प्रतिभाशाली और योग्य अभ्यर्थी रोजगार के अवसरों से वंचित रह गए। यह पूरा मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
🐟 मत्स्य विभाग और खादी बोर्ड की भर्तियों के साथ मूल्यांकन में बड़ी खामियां
जांच का दायरा बढ़ने के बाद अन्य विभागों की परीक्षाएं भी रडार पर आ चुकी हैं:
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मत्स्य विभाग मामला: क्राइम ब्रांच ने मत्स्य विभाग में 'मत्स्य विस्तार अधिकारी' पदों की भर्ती से जुड़े मामले में PSC अध्यक्ष, सदस्यों और जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी बनाया है। अगस्त 2020 की अधिसूचना वाले इस मामले में आरोप है कि 28 नवंबर 2022 को प्रकाशित रैंक लिस्ट में चुनिंदा उम्मीदवारों को अनुचित और अवैध लाभ पहुंचाया गया।
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राज्य योजना बोर्ड की मार्किंग में त्रुटि: खादी बोर्ड और ग्राम तेल निरीक्षक के अलावा, 'राज्य योजना बोर्ड' की परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की बड़ी तकनीकी और मानवीय गड़बड़ी सामने आई। इसके चलते अर्थशास्त्र के 10 वर्णनात्मक प्रश्नों के कुल 58 अंक सही मूल्यांकनकर्ताओं को आवंटित नहीं किए जा सके और आंसर शीट का मूल्यांकन अटक गया।
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बदले टॉपर: शिकायत के आधार पर जब कापियों का दोबारा मूल्यांकन (Re-evaluation) करवाया गया, तो परिणामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला—जो छात्र पहले तीसरे स्थान पर थे (श्याम कृष्णा), वे पहले स्थान पर पहुंच गए, जबकि पहले स्थान पर रहे अरुण जे प्रदीप खिसककर पांचवें स्थान पर आ गए।
👮♂️ एसआईटी (SIT) की कार्रवाई; दो अधिकारी गिरफ्तार और अध्यक्ष से पूछताछ
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राज्य सरकार द्वारा इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए क्राइम ब्रांच की एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
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जांच के दौरान अब तक PSC के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही जांच टीम ने आयोग के अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों से भी कड़ाई से पूछताछ की है।
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अब जांच का दायरा और अधिक व्यापक बनाते हुए आयोग की अन्य पुरानी व नई भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की भी गहन छानबीन की जा रही है।